पानीपत। मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में सोने में गड़बड़ी का मामला फिर चर्चाओं में है। पीड़ितों का कहना है कि उनके 25 तोले सोने को पीतल बनाकर दे दिया। पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
यहां तक कि एक पीड़ित की एफआईआर दर्ज हुई है। दूसरे की एफआईआर दर्ज करने से भी पुलिस ने इन्कार कर दिया। बुधवार को पीड़ितों ने जीटी रोड से जिला सचिवालय तक मार्च निकाला। साथ ही प्रदर्शन कर एसपी को प्रार्थनापत्र सौंपा। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिमला मौलाना गांव के परमजीत, सुनील और उनके साथियों ने बुधवार को कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। परमजीत ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2023 में करीब 37 ग्राम सोने के आभूषण मण्णपुरम गोल्ड लोन जीटी रोड पुराना बस स्टैंड के पास रखकर लोन लिया था। उन्हीं के गांव के सुनील ने भी अपना सोना गिरवी रखकर कंपनी से लोन लिया था। 19 जुलाई 2025 को सुनील ने बताया कि उन्होंने अपना सोना ब्रांच से मुक्त कराया जो जांच में नकली निकला। इसके बाद उन्हें भी संदेह हुआ।
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24 जुलाई को वह तीन सुनारों के साथ ब्रांच पर पहुंच गए और सोने की जांच कराने को कहा। लेकिन कंपनी के कर्मचारियों ने जांच कराने से इन्कार कर दिया। बाद में जब हंगामा हुआ तो उन्होंने जांच कराई। जिसमें पता चला कि उसका एक कड़ा पीतल का है।
इसके बाद सुनील और उन्होने थाना शहर में कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। पुलिस ने सुनील की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली थी। लेकिन परमजीत की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी अधिकारियों ने तीन दिन में मुआवजा दिए जाने का वादा किया था। लेकिन अब तक न तो उन्हें मुआवजा मिला न कार्रवाई की।