माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कुत्ते काटने के मामले बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज करीब 120 मामले कुत्ते काटने के आ रहे हैं। चिकित्सक व सहायक का पूरा दिन इनको इंजेक्शन लगाने में बीत जाता है। वहीं नगर निगम की एजेंसी का शहर में कुत्तों को पकड़कर ऑपरेशन करने का कार्य बेहद धीमा है।
पांच महीने में अब तक करीब 850 कुत्तों का ऑपरेशन किया गया है। जबकि समालखा नगरपालिका में अब तक टेंडर जारी नहीं हो पाया है। नगर पालिका अधिकारी हर बार बैठक में इसे सिरे चढ़ाने का दावा कर देते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में लावारिस कुत्तों पर सख्ती दिखाई है। नगर निगम क्षेत्र में 20 से 25 हजार लावारिस कुत्ते हैं। वहीं समालखा नगरपालिका क्षेत्र में करीब 10 हजार कुत्ते हैं।
शहर में हर गली में कुत्ते झुंड में रहते हैं। बारिश के मौसम में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को 120 मामले पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। ज्योति कॉलोनी के राजीव ने बताया कि वह गली से अपने काम पर जा रहा था। इसी समय गली में बैठे कुत्ते ने उनके पैर पर काट लिया।
कुटानी रोड की दीपिका ने बताया कि वह मंगलवार को अपने बेटे को स्कूल छोड़ने जा रही थी। गली में आवारा कुत्ता आया और उसके बेटे को काटने लगा। उन्होंने बेटे को बचाया तो उनको काट लिया।
मार्च में शुरू किया अभियान : शहर में 20 से 25 हजार आवारा कुत्ते हैं। नगर निगम ने 25 मार्च को कुत्तों को पकड़कर नसबंदी के लिए ऑपरेशन करना शुरू किया था। इसके लिए बरसत रोड पर शेड बनाया गया है।
टीम शहर में कुत्ते पकड़कर लाती है और इनको शेड में रखती है। एक कुत्ते को करीब पांच दिन रखा जाता है। इसके बाद उसी स्थान पर पुन: छोड़ दिया जाता है। नगर निगम ठेकेदार ने अब तक करीब 850 कुत्तों का ऑपरेशन किया है। समालखा नगर निगम पालिका क्षेत्र में कुत्तों की भरमार है।