अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत/सनौली/समालखा/थर्मल/इसराना। बुधवार को पानीपत में किसानों के सोने पर आग का कहर टूटा। जिले में बुधवार को 30 किसानों की 255 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। अकेले शिमला गुजरान व गोयला गांव में 200 एकड़ फसल जलकर राख हुई है। इनमें जाटल में बिजली के तार में शार्ट सर्किट से आग लगी वहीं कई जगह आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया। प्रशासन ने आग पर काबू पाने के लिए रिफाइनरी, एनएफल व थर्मल से 30 गाड़ियां मंगवाई, लेकिन हवा तेज होने के कारण 5 घंटे तक भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। हादसों की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दिन भर दमकल की गाड़ियों के सायरन गूंजते रहे। प्रशासन ने किसानों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
शिमला गुजरान में 22 किसानों पर टूटा आग का कहर:
गांव शिमला गुजरान में 22 किसानों की 200 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जल कर राख हो गई । आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए। किसानों का कहना है कि उन्होंने आग की सूचना दमकल विभाग को दी थी। मगर डेढ़ घंटे के बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची। तक तक 200 एकड़ में आग फैल चुकी थी। उन्होंने अपने स्तर पर आग को रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वो कामयाब नहीं हुए। जैसे ही दमकल विभाग के कर्मी खेतों में पहुंचे गुस्साएं किसानों ने उन्हें खदेड़ दिया।
किसानों ने ऐसे पाया आग पर काबू:
खेतों में आग लगने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोग खेतों की ओर दौड़े। किसानों ने आग पर काबू पाने के लिए आग के चारों ओर खेतों की जुताई कर दी। किसानों ने यहां पर पानी भी डाला जिस कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन तब तक 200 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी।
इन किसानों की जली फसले:
किसान शिवकुमार व दलेल की 6-6 एकड़, हरि ओम की एक एकड़, रोशन 5 एकड़, शिवनारायण 5 एकड़, प्रेम की 6 एकड़, रामफल 4 एकड़, ईश्वर 5 एकड़, ईश्वर 9 एकड़, नफे सिंह की 7 एकड़, धर्मबीर की 6 एकड़, नरेश 8 एकड़, रामकिशन, वेद प्रकाश, लिछमन की अलग-अलग 6-6 एकड, ईश्वर सिंह 4 एकड, रामफसल सिंह 7 एकड़, शिवकुमार 8 एकड़, साफियां की 6 एकड, भैया राम की 8 एकड़, सबीरा की 12 एकड़, मन्नू की 8 एकड, राजेंद्र 6 एकड़ और सौकत की 5 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। वही दूसरी ओर गांव गोयला में भी 10 एकड़ गेहूं की फसल जल गई हैं। पांच किसानों की 10 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई है। आग लगने का कारण का पता नहीं चल सका है। किसानों ने मौके पर आए फायर ब्रिगेड व पुलिस टीम ने खेतों में जली फसल का निरीक्षण किया और किसानों को अचानक जल गेहूं की फसल का सरकार से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
ब्लाक में अब तक फायर ब्रिगेड की गाडी का प्रबंध नहीं:
ब्लॉक सनौली-बापौली में गेहूं की कटाई का काम जोरों पर हैं। खेतों में जगह-जगह आग लगने से फसलें जल रही है, मगर अभी तक प्रशासन ने आग पाने के लिए सनौली व बापौली क्षेत्र में कोई व्यवस्था नहीं की है। आग लगने पर पानीपत से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाना पड़ता है।
जाटल में 35 एकड़ फसल जली:
गांव जाटल में बुधवार को आग लगने से करीब 35 एकड़ भूमि में खडी गेहूं की फसल में आग लग गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने इस घटना की सूचना पुलिस व दमकल केंद्र को दी और आग को काबू करने में जुट गए। लेकिन हवा तेज बहने व तापमान अधिक होने के कारण आग बेकाबू होती चली गई। वहीं फसल में आग लगने की घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान घटनास्थल पर पहुंच गए और योजनाबद्ध तरीके से आग को काबू करने का कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे के कडे़ प्रयास के बाद किसानों ने आग को काबू कर लिया। लेकिन आग, 35 एकड़ भूमि में खड़ी गेहूं की फसल को लील गई। किसानों का दावा है कि गेहूं की फसल में आग बिजली के तारों से निकली चिंगारी के कारण लगी। तेज हवा बने के कारण तारों में स्पार्किंग हो रही थी और चिंगारी फसल तक पहुंच गई, तेजी हवा बहने के कारण फसल में आग लग गई। किसानों का आरोप है कि दमकल केंद्र को आग लगने की सूचना दिए जाने के एक घंटे बाद तीन फायर फाइटर घटनास्थल पर पहुंचे। आग लगने की घटना गांव जाटल से गांव सौंधापुर जाने वाली रोड क्षेत्र में हुई। आग में किसान सुरेंद्र मान पुत्र बलवान की 12 एकड़, रघबीर पुत्र बदलु की तीन एकड़, रामरतन पुत्र लखा राम की तीन एकड़, रामेश्वर पुत्र टिका की चार एकड़, रामकुमार की दो एकड़, मौजी राम पुत्र दुलीचंद की चार एकड़, कर्मबीर पुत्र धर्मा की दो एकड़, रातु पुत्र नेतराम की दो एकड़ और नरेश पुत्र अंतू की दो एकड़ फसल जल गई। गांव के सरपंच महाबीर, किसान रणबीर मान, हरदीप, जगबीर, राज सिंह, अमरदीप, सुरेंद्र, रामभज, तेजेंद्र, नरेश ने बताया कि आग बिजली के तारों से निकली चिंगारी से लगी। किसानों ने ट्रैक्टर-हैरों से खेत की जुताई कर आग को आग बढ़ने से रोका। आग काबू करने के दौरान एक ट्रैक्टर के टायर भी जल गए। किसानों ने प्रदेश सरकार से जली फसल की गिरदावरी करवा कर प्रति एकड़ 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
बुआना लाखू में 12 एकड़ जली:
बुआना लाखू गांव के खेतों में अज्ञात कारणों से बुधवार दोपहर लगी आग की चपेट में करीब 12 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जलने के साथ करीब एक सौ से ज्यादा फांस जल गए। ग्रामीणों ने बताया की आग की सूचना तुरंत जिला मुख्यालय पर देने के बाद दो दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से दो दमकल गाड़ियों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे से ज्यादा लगे। जानकारी के अनुसार धर्मबीर की पांच एकड़, रणबीर की तीन एकड़ , जगबीर की एक एकड़, पाले व प्रकाश की आधा-आधा एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जलने के साथ अन्य किसानों के करीब एक सौ एकड़ फांस भी जल गए। बिजावा गांव में भी 5 एकड़ गेहूं की फसल जल गई।
से 262 एकड़ फसल राख, डेढ़ घंटे बाद आग बुझाने पहुंचे कर्मियों को किसानों ने खदेड़ा
किसानों के सोने पर आफत बनकर टूटी आग, एक ही दिन में
-गांव जाटल में आग लगने से 35 एकड़ गेहूं की फसल राख
-बुआना लाखू, समालखा क्षेत्र में भी खेतों में लगी आग
-किसानों ने प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से मुआवजा मांगा
-बिजली के तारों से निकली चिंगरी से आग लगने का दावा
फोटो संख्या 31 से 34