शहर की सड़कों पर गोवंश और सेक्टरों में विचरते हैं सूअर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिला प्रशासन बेसहारा पशुओं को आसरा देने में अब तक फेल साबित रहा है। तमाम दावों के बाद भी सड़कों पर गोवंश व दूसरे पशु विचर रहे हैं। यहीं नहीं हुडा जैसे सेक्टरों में सुअर व बंदरों का आतंक है। बंदरों के चलते व्यक्ति न घर में ठीक से रह पा रहा है और बेसहारा गोवंशों के चलते न ही सड़कों पर सुरक्षित सफर कर पा रहे हैं।
सरकार ने अगस्त माह तक शहर समेत पूरे प्रदेश की सड़कों से लावारिस पशुओं से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव तक के अधिकारी जिला स्तर के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस पर इसकी रिपोर्ट भी ले रहे हैं। अमर उजाला माई सिटी ने रविवार को इस अभियान के दौरान शहर की सड़कों की स्थिति देखी।
शहर के तहसील कैंप, मॉडल टाउन व असंध रोड पर बेसहारा गोवंश
शहर की पॉश कॉलोनी मॉडल टाउन के पुराना गैस गोदाम रोड के पास दिन के वक्त की दो गाय व एक बछड़ा मिला। वाहन चालक बड़ी मुश्किल से उनसे बचकर निकल रहे थे। शहर के सनौली रोड पर सब्जी मंडी के पास गायों का झुंड खड़ा मिला। तहसील कैंप कृष्णा नगर व कई कॉलोनियों की गलियों में गाय खड़ी हैं। असंध रोड पर आर्य नगर के सामने शाम के वक्त कई गाय खड़ी मिली। ऐसे में यहां से वाहन चालकों का निकल पाना भी मुश्किल रहा।
समालखा में रेलवे रोड से निकल पाना मुश्किल
बेसहारा गोवंशों के चलते समालखा में रेलवे रोड से निकल पाना मुश्किल होता है। ऐसे में यहां पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलवे रोड स्थित पुरानी सब्जी मंडी व काठ मंडी के पास गायों के चलते लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं थर्मल बाईपास पर गायों के चलते निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता।
कई बार हो चुके हैं हादसे
सड़क पर गोवंश व दूसरे पशुओं को बचाने के चक्कर में कई बार हादसे हो चुके हैं। पानीपत-जींद रोड पर थर्मल बाईपास पर मंगलवार को गाय को बचाने के चक्कर में एक कार चालक अनियंत्रित हो गया और कार गड्ढों में जाकर पलट गई। जिसमें कार चालक घायल हो गया था। इसके अलावा भी शहर समेत जिले में कई जगह हादसे हो चुके हैं।
हुडा के सेक्टरों में सुअर व बंदरों की भरमार
हुडा के सेक्टरों में सुअर व बंदरों की भरमार है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सेक्टरवासियों की माने तो बंदरों घरों में भी लोगों पर हमला कर देते हैं। वे कपड़े तक बाहर नहीं सूखा पाते। खाने-पीने के सामन को बंदर झपट लेते हैं। वहीं सेक्टरों की गलियों पर सूअर घूमते रहते हैं। ऐसे में सेक्टरवासी घर से बाहर भी नहीं निकल पाते। पूर्व मेयर एवं वार्ड-11 पार्षद भूपेंद्र सिंह तो पिछले दिनों नगर निगम अधिकारियों को जगाने के लिए गाय व सूअर को पकड़कर निगम कार्यालय में ले गए थे।
शहर में आवारा कुत्तों व बंदरों को पकड़ने के लिए योजना तैयार की गई है। इस पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। शहर की सड़कों से गायों को उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। निगम क्षेत्र में जल्द ही अभियान को पूरा कर लिया जाएगा।
शिवप्रसाद शर्मा, आयुक्त, नगर निगम पानीपत।