पानीपत। सिविल अस्पताल में करीब एक माह से काला पीलिया की दवा खत्म है। नतीजा, जिले के 800 से ज्यादा मरीज दवा लेने अस्पताल आते हैं और बैरंग लौट जाते हैं। बताया गया है कि जो कंपनी स्वास्थ्य विभाग को काला पीलिया की दवा देती है, इस बार उसके दवा के सैंपल फेल हो गए हैं। इसलिए दवा आने में देरी हो रही है। दूसरी ओर मरीजों व डॉक्टरों को दवा न होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों को हर रोज मरीजों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार स्टाफ व मरीजों के परिजनों के बीच झगड़े भी हो चुके हैं।
सिविल अस्पताल में जनवरी 2017 से 22 फरवरी 2019 तक जिले में 2 हजार 300 से अधिक काला पीलिया के मरीज रजिस्टर्ड हुए हैं। लगभग 1800 मरीज पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 1063 मरीजों ने दवा का कोर्स कंप्लीट कर लिया है। लगभग 800 मरीजों का इलाज चल रहा है। जांच में काला पीलिया के लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग एक कूपन जारी करता है। इस कूपन को लेकर मरीज रोहतक जांच कराने जाता है। जांच में पॉजिटिव मिलने पर इसी कूपन से मरीज को सिविल अस्पताल से दवा मिलती है। दवा मरीज को लगातार 3 माह तक सेवन करनी होती है। फिलहाल, अस्पताल में दवा का स्टॉक नहीं है। कुछ स्टॉक था जो फरवरी में एक्सपायर होना था, उसे विभाग ने स्टेट वेयर हाउस को लौटा दिया है। अब रोजाना 35-30 मरीज दवा के बिना निराश लौट रहे हैं। करीब 800 मरीज ऐसे हैं, जिन्हें दवा स्टॉक आने का इंतजार है।
काफी दिनों से अस्पताल में दवा खत्म है। मरीजों के साथ-साथ हमें भी इससे परेशानी हो रही है। दवा की डिमांड भेज दी गई है। जल्द दवा आने की उम्मीद है।
डॉ. श्याम लाल, एसएमओ सिविल अस्पताल