डीआरएम के निरीक्षण बाद फिर खुले अवैध रास्ते, प्लेटफार्म पर दौड़ने लगीं बाइक
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। डीआरएम के वीरवार को निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर जाने वाले अवैध रास्तों पर ताले जड़ दिए गए थे। इन रास्तों को निरीक्षण के अगले दिन ही खोल दिया गया। इस कारण प्लेटफार्म पर फिर से बाइक दौड़नेे लगी हैं। प्लेटफार्म पर बाइक चलाने वाले चालकों को रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। रेलवे अधिकारी भी इस चुप्पी साधे हैं।
तीन महीने पहले एडीआरएम डिम्पी गर्ग ने पानीपत रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था। उस समय एडीआरएम ने रेलवे स्टेशन के सभी अवैध रास्तों को बंद करवाने के आदेश दिए थे। लेकिन, आज तक इन रास्तों को बजट का अभाव बताकर बंद नहीं किया गया है। डीआरएम आरएन सिंह ने वीरवार को रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया तो रेलवे स्टेशन पर सब कुछ चकाचक मिला। अवैध गेट बंद कर दिए गए और रेलवे स्टेशन पर भी पुख्ता प्रबंध थे। डीआरएम के निरीक्षण के अगले दिन शुक्रवार को अमर उजाला माई सिटी ने रेलवे स्टेशन पर जाकर देखा तो अवैध रास्ते खुले मिले। कुछ बाहरी लोग इन रास्तों से बाइक निकालकर रेलवे स्टेशन तक जा रहे थे।
डीआरएम को दिखाने के लिए तैनात किए जवान
डीआरएम को दिखाने के लिए ही आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को स्टेशन पर तैनात किया गया था। डीआरएम के निरीक्षण के बाद कोई भी पुलिस कर्मी स्टेशन पर नहीं दिखा। डीआरएम के आने से पहले प्लेटफार्म को पानी से धुलवाकर चमका दिया गया था। पांचों प्लेटफार्मों से गंदगी साफ कर दी गई थी। उसके अगले ही दिन प्लेटफार्म पर जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आए। जो स्टेशन की असली सूरत दिखाता है।
रेहड़ियों से फायर सिलेंडर वापस लिए
स्टेशन पर खड़ी सभी रेहड़ियों को डीआरएम के निरीक्षण से एक दिन पहले फायर सिलेंडर दे दिए गए। लेकिन, डीआरएम के जाने के एक घंटे बाद ही रेलवे के अधिकारियों ने फायर सिलेंडर वापस ले लिए।
गेटों को बंद करने के लिए एडीआरएम ने आरपीएफ को निर्देश दिए थे। आरपीएफ ने ताले खोले हैं। स्टेशन पर सफाई का काम सीएमआई के अंडर में है। उनका तबादला हो गया है। उनकी जगह दिल्ली के सीएमआई राकेश कालड़ा को पानीपत का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे पानीपत।