फोटो संख्या-5 से 14
मेयर का नया तजुर्बा होने के कारण पुराने पार्षदों ने संभाल रखी थी कमान, दुष्यंत भट्ट व लोकेश नागरू दिखे अधिक सक्रिय
पानीपत। नगर निगम के सदन की बैठक में मेयर के लिए नया तजुर्बा होने के कारण पुराने साथी संभाल लेते रहे कमान। इस दौरान पार्षद दुष्यंत भट्ट और लोकेश नागरु अधिक सक्रिय दिखे। नगर निगम चुनाव के 23 दिन बाद शुक्रवार को पहली बैठक हुई है। बैठक के दौरान सभी पार्षदों की ओर से आए 101 प्रस्ताव पास किया गया। कुछ प्रस्ताव पर नगर निगम के बजट का हवाला देते हुए आवश्यक बिंदुओं को तुरंत हल करने का भरोसा दिया। नगर निगम की पहली बैठक होने के कारण औपचारिक परिचय हुआ। जिसके बाद मेयर अवनीत कौर की ओर शहर की कालोनियों के सीवरेज को मुख्य सीवरेज से जोड़ने का सवाल उठाया। इसके साथ ही शहर की निर्माणाधीन साइटों पर ठेकेदार का नाम व काम का पूरा ब्यौरा अंकित होने का बोर्ड लगाने की बात हुई। सबसे प्रमुख प्रस्ताव रहा कि एलएनटी फ्लाई ओवर पीवीआर माल व मित्तल पेट्रोल पंप के पास कट बनाया जाना है।
- शहर के चौक चौराहों पर साइन बोर्ड हो जहां पर नागरिकों की सुरक्षा, बिजली, पानी, सिवरेज, सफाई गली के निर्माण से संबधित अधिकारियों व कर्मचारियों के नंबर दर्ज हो।
- नगर निगम की ओर से कोई बिल पास होता है तो काम पूरा होने पर पार्षद की ओर से भी एनओसी पर मिली हस्ताक्षर के बाद भुगतान करें।
- नगर निगम जिस भी ठेकेदार को काम दे उससे शपथ पत्र भी ले कि वह पांच साल तक उसका रख रखाव करेगी।
- हॉली पार्क की जिस जमीन पर लोग बसे हैं वह कस्टोडियन के नाम आती है। इसे राजस्व रिकार्ड में नगर निगम के के नाम से कराया जाय।
विधायक की ओर से रखे गए मुद्दे..
वार्ड नंबर नौ स्थित संघ कार्यालय के बाहर चौक को छत्रपति शिवाजी नाम रखा जाये। चौक पर शिवाजी की प्रतिमा स्थापित की जाये।
- कुटिया वाली गली, मिट्ठन स्वीट्स से शिव मंदिर, गुरूद्वारा वाली गली, गुरुद्वारा केसर सिं िवाली गली भगत नगर , सतपाल वाली गली, नवीन एएसआई वाली गली भगत नगर, विसंभर के मकान से लेकर जय दयाल सेतिया, जय दयाल सेतिया से लेकर प्रेम के मकान तक, शिसंभर के मकान से सेतिया पार्क तक, लाल भवन वाली गली व रामलीला ग्राउंड सुभाष नगर।
वार्ड 2. यहां पर चाहिए स्ट्रीट लाइट
- 300 लाइटें 150 वॉट, 200 लाइट 72 वॉट।
वार्ड- 3 में निम्न जगहों पर नाला बनवाया जाये.
-एबीसी अस्पताल से सरकारी स्कूल विकास नगर तक के लिए 50 लाख का टेंडर लगवाया जाये।
वार्ड -3 में इन स्थानों पर 45 सफाई कर्मी लगाये जाये
- जवाहर नगर, राम नगर, कृष्णा नगर, दुष्यंत नगर, विकास नगर, भगत नगर, प्रीत विहार, परशुराम कालोनी, प्रकाश नगर, वािल्मिकी बस्ती, सुभाष नगर, सुधीर नगर, मेला राम पार्क, इन्द्रा कालोनी आदि।- वार्ड-3 में दूध की डेयरी को बाहर शिफ्ट किया जाय।
- वार्ड .3 में नालियों को ढकने के लिए 50 लाख व पुलिया को ऊपर उठाने के लिए 25 लाख का टेंडर किया जाये।
- वार्ड-3 में अलग-अलग साइज की 20 टावर लाइट लगाई जाए।
- वार्ड-3 में चौक चौराहे पर बनवाने के साथ बेंच लगवाई जाए।
- कूड़ा उठाने वाली कंपनी के पास संसाधन की कमी है। हर वार्ड में इसे बढ़ाया जाए।
- कूड़ा उठाने वाली कंपनी हर घर से 50 रुपये वसूल रही है। जबकि करार के तहत ऐसा नहीं है।
- सार्वजनिक स्थल पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाए।
- सीसीटीवी कैमरे प्रमुख स्थानों पर लगे।
- सफाई कर्मी को वर्दी दी जाए।
- बंद पड़ी सीवर लाइन खुलवाई जाए।
- एकता विहार कालोनी के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों को हटवासा जाए।
- घरों के आगे से निकल रही नंगी तार को ठीक कराया जाए।
मेयर के फोन पर पानी की बर्बादी की बज रही है घंटियां सुनने वाला कोई नहीं
सदन के भीतर शहर में पानी के हो रहे नुकसान पर अधिकारियों से जानना चाहा तो सन्नाटा पसर गया। कोई बताने वाला नहीं था। उन्हें बताया गया कि यह हुडा सेक्टर में आता है इस लिए हुडा अधिकारियों की जिम्मेवारी है। मेयर अपने मोबाइल पर पानी के हो रहे नुकसान की तस्वीर दिखायी । एसडीओ ने कहा कि काम पूरा हो गया। मेयर ने जब सख्ती दिखायी तो कहा कि लीकेज तलाश लिया गया है। शाम तक ठीक हो जाएगा।
सदन में वार्ड दो के पार्षद पवन ने कहा कि उनके वार्ड से गुजरने वाले नाले में करोड़ों रुपये खर्च हो गए हैं। जबकि समस्या सुधरने के बजाय और गंभीर हो गई है। इस सवाल पर अन्य पार्षद भी उनके साथ आ गये। जिन्होंने कहा कि इसे बनाने वाली कंपनी पैसा लेकर चली गई और समस्या जस की तस है। नाले को साफ किया जाय। साथ ही पूरे मामले की जांच हो।
पार्षद रविन्दर भाटिया ने अपने वार्ड को मुद्दा उठाने के साथ सदन को बताया कि अभी भी पुराने सफाई कर्मचारी रेहड़ी से कूड़ा उठा रहे हैं। जेवीएम कंपनी के लोग भी वहां पर काम कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी को काम देने के बाद वह बेरोजगार हो गए हैं। या तो पुराने कर्मचारियों को जेवीएम कंपनी के साथ मर्ज किया जाय। या उनके लिए अन्य कोई उपाय किया जाय।
वार्ड आठ की पार्षद चंचल सागर ने पानीपत शहर को पहचान दिलाने वाले उस्ताद नंदलाल की याद में भव्य द्वार बनवाने का प्रस्ताव रखा। नंदलाल ने पानीपत सबसे पहला हैंडलूम कारोबार शुरू किया।
सदन की कार्रवाई शुरू होने के बाद वार्ड 19 से पार्षद लोकेश नागरू अपने पांच पार्षद साथियों के साथ सदन में पहुचे। जहां पर उन्होंने सभी अधिकारियों अपने क्षेत्र के पार्षदों को मोबाइल नंबर शेयर करने की बात कही। पुराने पार्षद होने के कारण उन्होंने कहा कि अब कोई पार्षद फाईल लेकर कार्यालय में नहीं घूमेगा। अधिकारी यह तय करें कि उनके क्षेत्र का काम कैसे सरल तरीके से संपन्न हो।
मेयर ने सभी पार्षदों के साथ अपने कार्यालय में हर 15 दिन में बैठक की बात कही
मेयर ने अधिकारियों को कहा कि अगर उनका पार्षद आता है तो उसे ही मेयर समझा जाये। उसे चाय-पानी के साथ पूरा सम्मान मिलना चाहिए। सभी पार्षद हर 15 दिन बाद उनके कार्यालय में बैठक करेंगे। जिसमें प्रस्तावित काम के बारे में चर्चा होगी।
पार्षद विजय जैन ने महावीर के नाम पर बनी सड़क को दुबारा से बनाने की उठायी मांग
वार्ड 26 के पार्षद विजय जैन का आवास वार्ड 13 में है। सदन में बोलते समय उन्होंने कहा कि वार्ड 13 में समस्याऐं है। जिसके बाद सदन ठहाकों से गूंज उठा। फिर उन्होंने अपने वार्ड की समस्याओं से महापौर को अवगत कराया। जिस पर नगर निगम आयुक्त ने समस्याओं को ठीक करने के लिए निर्देश दिया।
सभी महिला पार्षद रही मौजूद मेयर ने उनके पतियों को किया सदन से बाहर
नगर निगम की बैठक में चयनित सभी 11 महिला पार्षद मौजूद रहीं। सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले मेयर को कहना पड़ा कि उनके साथ जो आये है वह बाहर चले जाए।
मेयर व पार्षद के पिता रहे बाहर
मेयर अवनीत कौर के पिता सरदार भूपेन्द्र व वार्ड तीन से पार्षद अंजलि शर्मा के पिता हरीश शर्मा सदन से बाहर घूमते नजर आए। सदन समाप्त होने के बाद वह लोगों से बाहर ही मिले।
बयान..
मेयर अवनीत कौर ने बताया कि सदन की पहली बैठक में सभी पार्षदों की ओर से आए 101 प्रस्ताव को पारित किया गया है। अधिकारियों को इन पर तुरंत काम करने का आदेश दिया गया है। अगली बैठक शुरू होने से पहले पुराने प्रस्ताव के काम पर चर्चा होगी।
अवनीत कौर मेयर, नगर निगम, पानीपत।
बयान..
सदन की बैठक के दौरान आये प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मौके पर ही संबधित अधिकारियों को उसे हल करने का निर्देश दिया गया।
डा. प्रियंका सोनी, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।