तीन तलाक बिल पास होने पर मुस्लिम महिलाओं ने भारत माता की जय के लगाए जयकारे
पानीपत। तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोलकर मुस्लिम महिलाओं को तलाक देने वाले आरोपियों को 3 साल की सजा सहित अन्य दंडनीय सजा होगी। तीन तलाक बिल को लोकसभा में पारित करने की खुशी में मुस्लिम समाज की महिलाओं ने खुशी जाहिर की व माईजी कॉलोनी में सैंकड़ों मुस्लिम महिलाओं ने धन्यवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शिरकत की। महिलाओं ने तीन तलाक बिल पास होने पर भारत माता की जय के जयकारे लगाए। साथ ही एक दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी। महिलाओं का कहना है कि इस बिल के पास होने पर काफी मुस्लिम महिलाओं के घर बसाएंगे व वो अबला नहीं कहलाएंगी। इस अवसर पर अफ़साना, निम्मी, शबाना, मोहसीना, इसराना, मुशरत, मूर्शीदा सहित सैंकड़ो महिलाएं मौजूद रही। साथ में भाजपा महिला मोर्चा सदस्य नीरजा सिंगला उपाध्यक्ष, प्रीति सिंगला व रितु कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रही।
इन्होंने लगाई उचित न्याय की गुहार:
माईजी कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय युवती ने बताया कि उसके 2 साल पहले कैराना उत्तर प्रदेश निवासी युवक से निकाह हुआ था। शादी के बाद से दंपत्ति को डेढ़ साल का लड़का भी है। उसने बताया कि दहेज में बाइक की मांग के चलते आरोपी ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ अनेकों बार मारपीट की व उसके आरोपी पति ने उसे 7 माह पहले तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता न्याय की मांग के लिए सरकारी अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हो गई। वहीं इसी कॉलोनी निवासी दूसरी पीड़िता ने बताया कि उसकी 2008 में काबड़ी रोड निवासी से निकाह हुआ था। शादी के बाद महिला को 7 साल की बेटी का 6 साल का बेटा है। पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने दूसरी महिला से शादी रचा ली। जिसके बाद उसे आरोपी युवक ने तीन बार तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। महिला पिछले 2 साल से उचित न्याय की गुहार लगा रही है। मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि तीन तलाक बिल पास होने के बाद सरकार को उन पीड़ितों के लिए भी बिल पास करना चाहिए जो अभी तक तीन तलाक का शिकार हो चुकी हैं।
निकाह के वक्त तो तीन बार कबूल नामा पूछा जाता है। लेकिन तलाक के वक्त नहीं पूछा जाता। इसी का फायदा लोग उठा रहे थे। जिस पर भाजपा सरकार ने रोक लगा दी व तीन तलाक बिल पास करवाया।
- डॉ अर्चना गुप्ता, अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा पानीपत।