होम्योपैथिक दवाओं पर जीएसटी लागू करने के विरोध में उतरे प्रदेश के डॉक्टर
-बैठक में प्रदेश भर के होम्योपैथिक डॉक्टरों ने लिया भाग
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। होम्योपैथिक दवाओं पर जीएसटी लागू करने व सरकार द्वारा गठित किए जाने वाले होम्योपैथिक आयोग के विरोध में रविवार को होम्योपैथिक डॉक्टरों की एक प्रदेश स्तरीय बैठक जीटी रोड स्थित एक होटल में हुई। बैठक में प्रदेश भर से होम्योपैथिक डॉक्टरों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता भिवानी से पहुंचे सेंट्रल काउंसिल ऑफ होम्योपैथ के मेंबर डॉ. विनोद सांगवान व पानीपत से डॉ. प्रवीन राजपाल ने की। बैठक में होम्योपैथिक दवाओं पर जीएसटी लागू करने का एकमत से विरोध किया गया। वहीं सरकार द्वारा केंद्रीय स्तर पर होम्योपैथ आयोग गठन की शर्तों में बदलाव करने का भी विरोध किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि होम्योपैथिक डॉक्टरों का दल एकत्रित होकर सीएम से मिलेगा और अपनी मांगों को रखते हुए होम्योपैथिक दवाओं पर लगाए गए 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी को जीरो प्रतिशत करने की मांग करेगा।
सेंट्रल काउंसिल ऑफ होम्योपैथिक के मैंबर डॉ. विनोद सांगवान व डॉ. प्रवीन राजपाल ने कहा कि होम्योपैथिक दवाओं पर 12 से 18 प्रतिशत लगाया गया जीएसटी बहुत अधिक है। इससे होम्योपैथिक दवाओं के मूल्य में भी इजाफा होगा। इससे होम्योपैथ का इलाज भी महंगा हो जाएगा। जिसका बोझ मरीजों पर ही पड़ेगा।
डॉ. सांगवान ने बताया कि सरकार ने होम्योपैथ आयोग के गठन की प्रक्रिया में बदलाव करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत अब होम्योपैथ आयोग का अध्यक्ष एक आईएएस अधिकारी होगा। इस आयोग में सरकार के सदस्यों की सदस्यता अधिक रहेगी। डॉक्टरों ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह होम्योपैथिक डॉक्टर सरकार के सामने अपनी मांग भी नहीं रख पाएंगे और सरकार मनचाहे नियम उन पर थोपती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब होम्योपैथिक क्षेत्र के उत्थान के लिए आयोग का गठन हो रहा है, तो आयोग में होम्योपैथिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को ही तरजीह दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में होम्योपैथ क्षेत्र का अधिक से अधिक विकास हो सके।
डॉक्टरों ने कहा कि वर्तमान समय में होम्योपैथ की ग्रोथ रेट 25.3 प्रतिशत है और देश भर में करीब तीन लाख और हरियाणा में करीब पांच हजार होम्योपैथिक डॉक्टर पंजीकृत हैं। अगर सरकार सही मायनों में होम्योपैथ क्षेत्र का विकास चाहती है तो प्रत्येक राज्य में होम्योपैथिक काउंसिल का गठन करे। कॉलेजों में होम्योपैथ से जुड़ी स्टडी आरंभ करवाए। डॉक्टरों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. प्रवीण राजपाल, डॉ. एस भारद्वाज, डॉ. अशोक वर्मा, डॉ. सुरेश, डॉ. प्रवीण त्यागी, डॉ. बीपी यादव, डॉ. इकबाल, डॉ. संदीप, डॉ. यूके खन्ना व जीएसटी विशेषज्ञ डॉ. विनोद गुप्ता मौजूद रहे।