पानीपत। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मोहित अग्रवाल ने चोरी के दो और छेड़छाड़ के एक आरोपी के गलती स्वीकार करने और भविष्य में बुराई से दूर रहने की शपथ लिखित में देने पर उन्हें माफ कर दिया। दोनों करनाल जेल में बंद थे। चोरी के दो आरोपी करीब आठ और छेड़छाड़ के आरोपी करीब दस माह से बंदी थे।
सीजेएम मोहित अग्रवाल ने बुधवार को करनाल जेल में लोक अदालत लगाई। सीजेएम के सामने पानीपत में चोरी के मामले के दो और छेड़छाड़ के एक आरोपी को पेश किया। उन्होंने अपना-अपना अपराध कबूल कर लिया और भविष्य में इस तरह की गलती न करने का आश्वासन दिया। तीनों आरोपियों ने कहा कि वे सुधर जाना चाहते हैं और भविष्य में किसी तरह का अपराध नहीं करेंगे। कोर्ट ने तीनों आरोपियों से बारी-बारी पूरी जानकारी ली। सीजेएम मोहित अग्रवाल ने जानकारी जुटाई तो चोरी के दोनों आरोपी करीब आठ माह और छेड़छाड़ का आरोपी दस माह से बंद मिला। सीजेएम ने उनके भविष्य को देखते हुए उनके अपराध को माफ कर दिया। सीजेएम ने तीनों को उनके परिजनों को सौंप दिया।