जब जब इनेलो मजबूत हुई लोगों ने इस तोड़ने की कोशिश की, अब भाजपा व कांग्रेस कर रही है कोशिश: चौटाला
पानीपत। एसवाईएल के मुद्दे पर नए सिर से आंदोलन शुरू करने के लिए इनेलो व बसपा की लक्ष्मी गार्डन में मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने की और इसमें मुख्यातिथि के रूप में अभय सिंह चौटाला ने शिरकत की। उन्होंने मीटिंग में इनेलो व बसपा कार्यकर्ताओं से गठबंधन को मजबूत करने व लोगों की बहकाई में ना आने की सलाह दी। उन्होंने इनेलो में चल रहे उठा पटक पर कहा कि जब जब इनेलो मजबूत हुई है। लोगों ने इस कमजोर करने की कोशिश की है, लेकिन वो कभी कामयाब नहीं हो पाए। अब दोबारा कांग्रेस व भाजपा इनेलो को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मीटिंग में उन्होंने कार्यकर्ताओं से एसवाईएल के मुद्दे पर दोबारा आंदोलन खड़ा करने के लिए समर्थन मांगा। मीटिंग में कार्यकर्ताओं में काफी जोश दिखा, हालांकि इनसो के पदाधिकारी व सदस्यों ने मीटिंग से दूरियां बनाए रखी।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 1987 में चौ. देवीलाल ने देश भर में घूमकर तीसरे मोर्चे का गठन किया था। कई राज्यों में तीसरे मोर्चे की सरकार भी आई थी। चौ. ओमप्रकाश चौटाला भी 2004 में देश के नेताओं से मिलकर तीसरे मोर्चे का गठन करने की प्लानिंग कर रहे थे। कांग्रेस ने इस खतरे का भांप लिया था और उनको जेल में डालकर उनको 10 साल की सजा करवा दी। 1987 में जब इनेलो मजबूत थी तो विपक्षियों ने चौ. रणजीत सिंह को आगे कर इनेलो को तोड़ने का प्रयास किया था। अब दोबारा फिर ये प्रयास हो रहे हैं। लेकिन हम इनेलो को कमजोर नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इनेलो की सरकार बनती है तो हर घर में एक नौकरी दी जाएगी। बुजुर्गों की पेंशन 3 हजार रुपये की जाएगी। गरीब परिवारों को बेटियों की शादी में 5 लाख रुपए कन्यादान में रूप में दिए जाएंगे। उन्होंने इस मीटिंग में साफ तौर पर कहा कि इनेलो सरकार आने के बाद सीएम चौ. ओम प्रकाश चौटाला बनेंगे। बसपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती ने कहा कि बसपा व इनेलो का गठबंधन अटूट है। कांग्रेस ये भ्रम फैला रही है कि बसपा कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी। मायावती इससे स्पष्ट तौर पर इंकार कर चुकी है। ऐसी बातें गठबंधन को कमजोर करने के लिए की जा रही है। इस मौके पर अशोक अरोड़ा, देवेंद्र कादियान, उपाध्यक्ष ओपी माटा, कुलदीप राठी, सुरेश आर्य, सुरेश काला, बलवान वाल्मीकि , रामभतेरी, निशान मलिक, सुरेश मितल, लेखराज खट्टर व राजबीर मलिक मौजूद रहे।