औद्योगिक क्षेत्र में सुधरेगी सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट
10 साल बाद सुधरेगी स्थिति, 30 करोड़ 99 लाख का प्रोजक्ट पास, फंड भी हुआ रिलीज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। अब 10 साल बाद मॉडल टाउन स्थित ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया की किस्मत जागी है। सरकार ने एचएसआईआईडीसी के लिए 30 करोड़ 99 लाख के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। अब इस पूरे क्षेत्र का सुधार नए सिरे से होगा। पूरे एरिया में सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था दुरुस्त होगी। इस एरिया में 300 औद्योगिक इकाइयां हैं। इसमें बड़े स्पिनिंग मिल भी शामिल हैं।
मॉडल टाउन के इंडस्ट्रीयल एरिया ने 50 हजार लोगों को रोजगार दिया है। पिछले 10 सालों से इस क्षेत्र के उद्योगपति उपेक्षा का शिकार हो रहे थे। कई सालों से उद्योगपति प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रियों के दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके थे। फिलहाल इस क्षेत्र में उद्योगपतियों को सड़के सीवरेज लाइट और गंदे पानी की निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इसका सीधा असर इनके व्यापार पर भी पड़ा है। उद्योगपतियों का कहना है कि इस क्षेत्र के हालात इतने बुरे हैं कि यहां पर विदेशी बायर आने से कतराते हैं। अब 30 करोड़ 99 लाख के प्रोजेक्ट पास होने के बाद उद्योगपतियों ने राहत की सांस ली है।
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मॉडल टाउन इंडस्ट्रियल एरिया में 300 औद्योगिक इकाइयां हैं। यह क्षेत्र 300 एकड़ से अधिक भूमि में फैला हुआ है। 1949 में इस इंडस्ट्रीज का विस्तार हुआ था। 2012 में इसको एचएसआईआईडीसी के अंतर्गत कर दिया गया था। उन्होंने इस क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 30 करोड़ 99 लाख का प्रोजेक्ट तैयार कर सरकार के पास भेजा था। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। अगले माह टेंडर निकालकर जल्द काम शुरू किए जाएंगे। इस पूरे क्षेत्र में नए सिरे से शिविर व सड़के बनेगी। क्वर्ड नालियां बनाई जाएगी, गंदे पानी की निकासी की सही व्यवस्था की जाएगी।
-राजवीर सिंह, एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी
उद्योगपतियों को मंत्री गोयल ने दिया था आश्वासन
एक साल पहले कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने उद्योगपतियों की समस्याएं सुनी थीं। इसी समय उद्योगपतियों ने सरकार व प्रशासन पर उनकी अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए मॉडल टाउन के इंडस्ट्रियल एरिया को विकसित करने की मांग की थी। इसी मांग पर मंत्री गोयल ने एचएसआईआईडीसी को प्रोजेक्ट बना कर सरकार के पास भेजने के निर्देश दिए थे। अब प्रोजेक्ट तैयार होने पर और सरकार द्वारा मंजूरी मिलने पर उद्योगपतियों में खुशी है।
10 साल से जी रहे नारकीय जीवन
10 साल से मॉडल टाउन इंडस्ट्रीयल एरिया की हालत दयनीय है। न तो यहां सड़केें हैं और न ही सीवरेज व्यवस्था सही है। स्ट्रीट लाइटें आज तक नहीं लगाई गई हैं। इस कारण आए दिन आपराधिक घटनाएं होती हैं। हमारे क्षेत्र के हालात ये हैं कि बायर यहां आने से कतराते हैं। इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ता है। अब बताया जा रहा है कि 31 करोड़ रुपये एचएसआईआईडीसी के अकाउंट में आ चुके हैं। अब विकास कार्य होने की उम्मीद है।
-विनोद धमीजा, मेंबर, हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल
अब समस्या का समाधान होगा
कई साल से ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया में विकास कार्य नहीं हो रहे थे। क्षेत्र की हालत काफी खराब थी। अब अगले माह से टेंडर लगेंगे। अब समस्या का समाधान होने की उम्मीद जागी है। ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया के उद्योगपति करोड़ो रुपये टैक्स देते हैं। सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
-विनोद ग्रोवर, प्रसिद्ध उद्योगपति ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया