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सरकार ने सीएमओ का शोषण किया, डॉक्टर ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते: डॉ. डबास

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आईएमए व एचसीएमएस का संघर्ष नहीं आया काम, सीएमओ के ट्रांसफर आर्डर जारी, डॉक्टरों ने ओपीडी बंद करने का किया ऐलान
सरकार ने सीएमओ का शोषण किया, डॉक्टर ऐसे माहौल में काम नहीं कर सकते: डॉ. डबास
-डॉक्टर सिविल सर्जन के तबादले का कर रहे हैं विरोध
-देहरा गांव में झोलाछाप पर कार्रवाई करने को लेकर किया गया सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा का नूंह तबादला अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में छापा मारने की कीमत सिविल सर्जन को चुकानी पड़ी। समालखा से विधायक रविंद्र मच्छरौली की सिफारिश पर सिविल सर्जन को वीरवार को ट्रांसफर आर्डर जारी कर दिए गए। ट्रांसफर आर्डर जारी होते ही एचसीएमएस व आईएमए ने सिविल अस्पताल में तत्काल मीटिंग बुलाई। डॉक्टरों ने सरकार पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा का शोषण करने व ईमानदारी से काम करने से रोकने के गंभीर आरोप लगाए। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने शुक्रवार से रविवार तक सभी हेल्थ सेंटर में ओपीडी बंद रखने व ट्रांसफर रद्द ना होने पर सोमवार से पोस्टमार्टम व एमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने का ऐलान कर दिया। डॉक्टरों ने इस संबंध में उपायुक्त सुमेधा कटारिया को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंप दिया है। डॉक्टरों में सरकार के खिलाफ रोष बना हुआ है। आईएमए ने भी सरकारी डॉक्टरों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को मीटिंग कर कठोर निर्णय लेने की बात कही है।
एचसीएमएस के जिलाध्यक्ष डॉ. नारायण डबास ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपना ईमानदारी से काम करती है। सरकार के निर्देशों पर लिंग जांच व भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें छापामारी करती हैं, लेकिन अब डॉक्टरों को ईमानदारी से काम करने का सिला शोषण व तबादला कराकर मिलता है। उपाध्यक्ष डॉ. रिंकू सांगवान ने कहा कि डॉक्टर अपने ऐलान से पीछे नहीं हटेंगे। सिविल सर्जन के तबादले ने सरकार की मंशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में डॉक्टर सरकारी सेवाओं में काम करने के बिल्कुल भी इच्छुक नहीं है। सरकार को सीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा का तबादला कैंसिल कर अपनी नीतियों को बदलना होगा। डॉक्टर जनता के लिए काम करते है। सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम करते हैं। अगर वो काम करें तो भी दंडित होते हैं और अगर करें तब भी शोषित होते हैं। डॉक्टर सरकार की ऐसी नीतियों का सदैव विरोध करेंगे। वो पोलिया अभियान का विरोध नहीं करेंगे। बाल रोग संबंधी सेवाएं फिलहाल चालू रहेगी। सिविल अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले हर रोज 1500-2000 रोगियों को बिना ईलाज घर लौटना पड़ेगा। इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो सोमवार के बाद सभी प्रकार की सेवाएं बंद कर दी जाएगी। इस मौके पर डॉ. आतिश, डॉ. अमित दहिया, डॉ. शशि गर्ग, डॉ. निशि जिंदल, डॉ. मुनीष गोयल, डॉ. जितेंद्र शर्मा, डॉ. दिव्या, डॉ. पवन कुमार, डॉ. दीपक कपूर, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. गौरव श्रीवास्तव, डॉ. पंकज मुटनेजा समेत तमाम डॉक्टर मौजूद रहे।
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आईएमए आज कर सकती है हड़ताल की घोषणा, 8 हजार मरीजों का स्वास्थ्य भगवान भरोसे:
आईएमए ने एचसीएम का पूरी तरह से समर्थन किया है। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि आईएमए शुक्रवार को मीटिंग करेगी। मीटिंग कर बड़ा फैसला लेगी। पानीपत के 130 अस्पतालों में हर रोज 8 हजार ओपीडी होती है। आज आईएमए के भी ओपीडी बंद करने का फैसला ले सकती है। ऐसे में जिले में हर रोज होने वाली 8 हजार मरीजों की ओपीडी ठप हो जाएगी। मरीजों का ईलाज भगवान भरोसे ही रहेगा।
इसलिए किया गया सिविल सर्जन का तबादला:
गत दिनों सीएम विंडो की शिकायत पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने डॉ. मुनीष गोयल के नेतृत्व में टीम को गठन कर देहरा गांव में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में छापेमारी करने भेजा था। वहां टीम को प्रतिबंधित दवाएं मिली। झोलाछाप के यहां छापा पड़ा देख वहां मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए थे। लोगों ने यहां पर विधायक रविंद्र मच्छरौली को बुला लिया था। मछरौली ने टीम की कार्रवाई को रोकते हुए उनके हाथ से कागज लेकर फाड़ दिए थे और उनके हाथ से मोबाइल फोन लेकर फोटो डिलीट कर दिए थे। विधायक ने यहां से टीम को धमकाकर भगा दिया था। विधायक ने सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर उनकी मुख्यमंत्री को शिकायत की थी और उनके तबादले की मांग की थी। सीएम ने एमएलए की मांग पर उनका नूंह तबादला करने के आदेश दे दिए।
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सरकार के आदेशों का पालन करूगां: डॉ. वर्मा
नूंह में तबादले के आर्डर मिल चुके हैं। जल्द नूंह जाकर ड्यूटी ज्वाइन करूंगा। सरकार के आदेशों की प्राथमिकता से पालन करूंगा, लेकिन उन पर गलत आरोप लगाए गए थे। उन्होंने अपना काम ईमानदारी से किया है और भविष्य में ऐसे ही काम करेंगे।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन
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