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-सोमवार सुबह एक साथ मौसम पलटने के साथ आसमान में छा गए बादल

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दिनभर छाए रहे बादल, शाम को बूंदाबांदी, बढ़ी ठिठुरन
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सर्दी के मौसम में सोमवार को फिर मौसम ने करवट ली। आसमान में धुंध छा गई थी, बादल भी छाए थे। इससे सर्दी से लोग ठिठुर रहे थे। दिनभर बादल छाए रहे, इधर शाम को बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। देर शाम तक जिले में रुक-रुक कर बूंदाबांदी चलती रही। बूंदाबांदी से अधिकतम व न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री तक लुढ़क गया और ठिठुरन बढ़ गई। सुबह व शाम को बाहर निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं बूंदाबांदी के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे। कृषि विशेषज्ञों ने इस मौसम की बूंदाबांदी या बारिश को गेहूं समेत सरसों व दूसरी फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई है।
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ऐसे में अधिकतम व न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री तक गिर गया। ऐसे में शाम के वक्त ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 21 डिग्री पर आ गया। विशेषज्ञों की माने तो अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
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बारिश से गेहूं की फसल को होगा फायदा : वैज्ञानिक
सनौली। सोमवार को हुई बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि गेहूं की फसल में काफी फायदा होगा। इससे फसल का फुटाव होगा और पैदावार में बढोतरी होगी। डॉ. गर्ग ने बताया कि इस बार अब तक सर्दी भी कम ही रही है और बारिश भी नहीं हुई थी। बरसात और सर्दी से गेहूं की फसल के लिए अधिक फायदेमंद होगी।
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किसानों के भी चेहरे खिले
किसान प्रीतम सिंह, राजेश, बलवान व राजपाल का कहना है कि बिजली की कमी के चलते और बरसात न होने से गेहूं की फसल में फुटाव कम हुआ है। अब बरसात होने पर गेहूं के लिए फायदा होगा। वहीं पूर्व सीनियर कृषि वैज्ञानिक डॉ. आजाद सिंह दहिया का कहना है कि बारिश से फायदा ही होगा।
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