गुरुद्वारा और गुंबद का खतरा अभी बरकरार, रात को अंधेरे में नहीं चल पा रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही के करीब ढाई सौ टन का गुंबद अभी भी खतरा बना हुआ है। चार कंपनियों की करीब चार टीम दो क्रेनों के साथ दो दिन में गुंबद का ऊपरी हिस्सा ही हटा पाई है। गुरुद्वारा तोड़ने में लगी टीम दिन में ही काम कर पा रही है। गुरुद्वारा भवन पर रात को लाइट का उचित प्रबंध न होने पर टीम क्षतिग्रस्त गुंबद व खस्ता दीवार के नजदीक लगने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। कंपनी के डायरेक्टर ने अब तक करीब 25 टन मलबा उतारने व बाहर निकालने की बात कहते हुए अगले दो-तीन दिन में गुंबद को हटाने का दावा किया है। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुद्वारा पहली पातशाही का दौरा किया और गुरु तेग बहादुर भवन में सेवादार दर्शन सिंह के आश्रित परिवार से मिले। पूर्व सीएम ने गुरुद्वारा की घटना को दुखद बताया और इसको बनाने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
गुरुद्वारा पहली पातशाही के गुंबद व क्षतिग्रस्त भवन को गिराने में लगी एसबी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, स्टार पाइल फाउंडेशन, बाजव व अर्जुन क्रेन कंपनी ने रविवार को दूसरे दिन भी गुंबद को काटने और मलबा हटाने का काम किया। चारों कंपनियों की तीन टीम इसमें लगी रही। एक टीम ने दो से तीन घंटे तक एकजुटता के साथ काम किया। शनिवार सुबह से लेकर रविवार दोपहर तक करीब 25 टन गुंबद को काटा गया। इसके बाद शाम को गुंबद से नीचे गिरे मलबे को हटाया गया।
तीन दिन में गुंबद के ऊपरी हिस्से को हटाया जाएगा
प्रशासन व अन्य लोग दो दिन में गुरुद्वारा के गुंबद व भवन को हटाने का दावा कर रहे थे, लेकिन यह सब हवा हवाई निकला। अमर उजाला माई सिटी इसकी तह तक पहुंचा। एसबी इंफ्राटैक प्राइवेट लिमटेड कंपनी के डायरेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा निर्माण के समय मजबूती का ध्यान रखा गया है। वे दो दिन में गुंबद की झालर तक ही तोड़ पाए हैं। इसके बाद बाकी हिस्से की कटिंग का काम किया जाएगा। जिसमें कम से कम तीन दिन लग सकते हैं।
कंपनी के विशेषज्ञों को यहां महसूस होता है खतरा
गुरुद्वारा का गुंबद करीब ढाई सौ टन का है और इसका झुकाव बाजार की दुकानों की तरफ है। ऐसे में इस पर हैंबरिंग की जाती है या फिर कटिंग का काम तेज किया जाता है तो इसके गिरने का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं गुरुद्वारे के बाजार के हिस्से की दीवार भी पूरी तरह से कंडम है। इसको पांच स्पॉट का सहारा दिया गया है। इस दीवार के आधे से अधिक हिस्से को आराम से गिराया जा सकता है। इन सबके चलते गुरुद्वारा मार्केट अभी दो या तीन दिन तक बंद रखनी पड़ेगी। वहीं पहले रविवार शाम तक गुंबद व आधी दीवार को हटाने का काम पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही थी। दुकानदारों में एक सप्ताह से दुकान बंद होने पर घर चलाने को लेकर चिंता बनी हुई है।
पूर्व सीएम हुड्डा ने गुरुद्वारे की घटना को बताया दुखद
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार दोपहर को गुरुद्वारा पहली पातशाही का दौरा किया और मलबा हटाने के कार्य की जानकारी ली। वे इसके बाद सीधे गुरुद्वारे के गुरु तेग बहादुर भवन में पहुंचे। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से मिलकर पूरे घटनाक्रम पर अफसोस व्यक्त किया और सेवादार दर्शन सिंह के आश्रित परिजनों से मिलकर शोक जताया। उन्होंने गुरुद्वारा में लंगर छका और गुरुद्वारा बनाने में अपना पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। वे करीब पौने घंटे तक यहां ठहरे।
यह है मामला
जीटी रोड गुरुद्वारा पहली पातशाही का तीन मंजिला गुंबद व दो मंजिला भवन सोमवार को गिर गया था। जिसमें पांच श्रमिकों व सेवादारों की मौत हो गई और करीब नौ लोग घायल हो गए। प्रशासन को मलबे में दबे शवों को निकालने को लेकर एनडीआरएफ का सहारा लेना पड़ा। एनडीआरएफ की मदद से करीब 36 घंटे तक लगातार रेसक्यू ऑपरेशन चला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी बचाव कार्य का दौरा कर हादसे की कमेटी से जांच कराने के आदेश दिए थे।