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-एसएसजीपीसी के अध्यक्ष झिंडा बुधवार को गुरुद्वारा में पहुंचे

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारा पहली पातशाही के गिरने में गुरुद्वारा के अंदर चल रहे किसी तरह के निर्माण का नहीं बल्कि जीटी रोड पर करीब 14 साल पहले शुरू किए एलिवेटिड हाईवे के निर्माण के दौरान फाल्ट की बात कही है। कमेटी के प्रधान ने साफ कहा कि कंपनी ने एलिवेटिड हाईवे के पिलर खड़े करने में तकनीकी रूप से ही अनदेखी बरती है। कमेटी ने सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन ने गठित कमेटी में अपने इंजीनियरों की दो सदस्यीय टीम शामिल करने की मांग की है। कमेटी ने संघर्ष तक की चेतावनी दी है। प्रधान ने गुरुद्वारे में बचाव कार्य में देरी पर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मांग करने के बाद भी सेना को नहीं बुलाया।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा बुधवार को गुरुद्वारा पहली पातशाही के सामने दूसरे भवन में गुरुद्वारे के मामले को लेकर मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि सोमवार को गुरुद्वारा गिरने की सूचना करीब छह बजे मिली और वे करीब पौने सात बजे पानीपत आ गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल सेना बुलाने की मांग की। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों ने एनडीआरएफ की टीम बुला ली। सेना समय पर आती तो गुरुद्वारे में बचाव कार्य उसी रात करीब 12 बजे तक पूरा कर लिया जाता। इससे जानें बच सकती थीं।
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दो इंजीनियर कमेटी करेगी शामिल
जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि सरकार की हिदायत पर प्रशासन द्वारा एडीसी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एचएसजीपीसी इस कमेटी के साथ अपने स्तर पर दो इंजीनियर शामिल करना चाहती है। वे इसके लिए रिटायर्ड इंजीनियर को तलाश कर देगी। सरकार उनकी इस मांग को अनदेखा करती है तो वे जांच को भी शुरू नहीं होने देंगे। इस मौके पर जोगा सिंह, जसबीर सिंह अंबाला, हरप्रीत सिंह नरुला करनाल, हाकम सिंह, अंग्रेज सिंह, पन्नु, गोबिंद सिंह व मंजीत सिंह मौजूद रहे।
गुरुद्वारा प्रबंधन का नहीं कोई कसूर
एचएसजीपीसी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि गुरुद्वारा पहली पातशाही के गिरने में गुरुद्वारा प्रबंधन का कोई कसूर नहीं है। गुरुद्वारे में केवल पत्थर उतारकर नए लगाए जा रहे थे। इससे ये हादसा नहीं हो सकता। यह सब गुरुद्वारे की जमीन धंसने से हुआ है। उन्होंने कहा कि पानीपत में एलिवेटिड हाईवे बनने का काम 2003-04 में शुरू हुआ। कंपनी ने पिलर लगाते समय जमीन का पानी तक बोर किया था। कंपनी ने बोर करते समय दोनों तरफ कंकरीट नहीं डाली। आशंका है कि वहां का पानी रिसाव करते हुए गुरुद्वारे में चला गया और वजनी गुंबद होने के चलते जमीन धंस गई। वे अब गुरुद्वारे के पूरे भवन को गिराकर दोबारा बनाएंगे।
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दर्शन सिंह और देवेंद्र के परिवारों को पांच-पांच हजार पेंशन
एचएसजीपीसी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि कमेटी ने गुरुद्वारा पहली पातशाही में मरने वाले सेवादार दर्शन सिंह, पाठी देवेंद्र सिंह के परिवार को पांच-पांच हजार रुपये मासिक पेंशन देने का फैसला लिया है। हादसे में घायल जरनैल सिंह को इलाज खर्च के नाम पर 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। कमेटी श्रमिकों के आश्रित परिवारों और बाकी घायलों की मदद के लिए गुरुद्वारा पहली पातशाही प्रबंधन से 50-50हजार रुपये देने की मांग रखेगी।
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