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Panipat News: सोनू मालपुरिया समेत 18 नामजद, 35 किसानों पर केस

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पानीपत। किसान भवन की चौधर को लेकर किसानों में घमासान तेज हो गया है। बुधवार को दिनभर किसान भवन में प्रधानी पर चर्चा हुई। भारतीय किसान यूनियन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया को मॉडल टाउन थाने की पुलिस ने मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें रातभर थाने में रखा गया। बुधवार सुबह उन्हें जमानत मिल गई। मॉडल टाउन पुलिस ने इस मामले में 18 नामजद समेत 35 किसानों पर केस दर्ज किया है। अब पुलिस इनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर मालपुरिया ने इस मामले में पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि किसान भवन में उन पर हमला किया गया और उल्टा उन्हीं पर कार्रवाई की जा रही है। हाईकोर्ट ने भारतीय किसान यूनियन किसान भवन के चुनाव पर रोक लगाते हुए जगपाल रावल को प्रधान माना है। अब कोर्ट के इस फैसले को भी नहीं माना जा रहा।
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गढ़ी भलौर गांव निवासी सूरजभान रावल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार को उन्हें बहुमत से भारतीय किसान यूनियन किसान भवन का प्रधान चुना गया था। इसी रंजिश में मंगलवार को सोनू मालपुरिया, रामनिवास निवासी गोयला खुर्द, जगपाल रावल निवासी गोयला खुर्द, सुनील पांडे निवासी बिहार, जोगेंद्र गोयला खुर्द, जसबीर निवासी खेड़ा, विनोद खोजकीपुर, रामफल खेड़ा, राजेंद्र आट्टा, फतेह सिंह कुराड़, शाम सिंह निवासी बडोता, करनाल प्रेम पंडित जवाहरा, हरि सिंह डाहर, मनोज मच्छरौली, हवा सिंह आट्टा, राजकुमार निवासी गांव मांडी, पवन मतरौली व अन्य 20-23 लोगों ने किसान भवन में घुसकर उन पर हमला कर दिया। किसान भवन की संपत्ति तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सूरजभान की शिकायत पर इन पर केस दर्ज कर लिया है।

भारतीय किसान यूनियन किसान भवन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया का अप्रैल में कार्यकाल पूरा हो गया था। उन्होंने पंचायत में अपना कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल कर लिया था। किसानों ने अप्रैल में सर्वसम्मति से कुराड़ गांव के पिंकू देशवाल को यूनियन का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। मालपुरिया ने इसका विरोध किया और उन्होंने अगस्त में बापौली में पंचायत बुलाकर अपने पक्ष के जगपाल रावल को नया प्रधान नियुक्त कर दिया। इसका पिंकू देशवाल ने विरोध किया। सितंबर में पिंकू ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रधानी सूरजभान रावल को सौंप दी, लेकिन सोनू मालपुरिया गुट उन्हें प्रधान मानने को तैयार नहीं था। सोनू मालपुरिया गुट जगमाल रावल को प्रधान बता रहा था। सूरजभान खुद को प्रधान बता रहे थे। इस विवाद को शांत करने के लिए प्रशासन ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर नए सिरे से चुनाव कराने का फैसला लिया था। बापौली गांव के सरकारी स्कूल में रविवार को चुनाव को लेकर पंचायत बुलाई थी। यहां बहुमत के समर्थन पर सूरजभान को प्रधान चुना गया था। सोनू मालपुरिया गुट इससे पहले ही इस चुनाव के खिलाफ हाईकोर्ट में जा चुका था। वह चुनाव को गलत करार दे रहे थे। इस विवाद को लेकर मंगलवार को किसान भवन में दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। इसमें 20 किसान घायल हो गए।
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इस मामले के बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करेंगे। सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। किसानों से पूछताछ जारी है। इस झगड़े के जिम्मेदारों का पता लगाया जा रहा है। जांच में दोषी पर कार्रवाई की जा रही है। सोनू मालपुरिया पक्ष की ओर से अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
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- रेखा देवी, प्रभारी, थाना पुलिस मॉडल टाउन।
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