विस के तीन दिनी सत्र में रैनीवेल प्रोजेक्ट व शुगर मिल का गूंजेगा मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। विधानसभा का तीन दिन का सत्र सोमवार को शुरू होगा। जिले से एक मंत्री व तीनों विधायकों ने इसको लेकर अपने-अपने प्रस्ताव व सवाल तैयार कर लिए हैं। इनमें मुख्यत शहर के लिए रैनीवेल प्रोजेक्ट और ग्रामीण हलके में डाहर शुगर मिल और बाहरी कॉलोनियों को वैध करना है। ये मुद्दे तीन दिन के विस सत्र में जमकर गूंजेंगे। वहीं विधायकों के इन प्रस्तावों को परिवहन, आवास एवं जेल मंत्री कृष्णलाल पंवार भी पूरी सिफारिश करेंगे। परिवहन, आवास एवं जेल मंत्री तो विस सत्र को लेकर एक दिन पहले ही चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। तीनों विधायकों ने भी अपनी-अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
विदित है कि जिले में चार विधानसभा है। इनमें तीन विधायक भाजपा व समालखा विधायक भाजपा समर्थित है। विधायक पहले से ही अपने-अपने हलकों में विकास रिकार्ड तोड़ कराने का दावा कर रहे हैं। इन सबके बीच कई प्रस्ताव आज भी अटके हुए हैं। इनमें शहर के लिए रैनीवेल प्रोजेक्ट और ग्रामीण हलके के लिए बाहरी कॉलोनियों को वैध करना और डाहर गांव में लगने वाला नया शुगर मिल है। ये तीनों प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके पड़े हैं। रैनीवेल प्रोजेक्ट कांग्रेस की हुड्डा सरकार के समय से विचाराधीन चल रहा है। जिलेवासियों को तीन दिन के विधानसभा सत्र में अपने-अपने जनप्रतिनिधियों से उनकी समस्या सदन में रखे जाने की उम्मीद है। अमर उजाला माई सिटी ने जनता के प्रतिनिधियों से उनके प्रस्ताव व सवालों के बारे में जाना।
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हलके के इसराना में अनाज मंडी, सीएचसी, तहसील व पावर हाउस की कोई बड़ी समस्या नहीं है। ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा की डाहर शुगर मिल को सिरे चढ़ाने के प्रस्ताव को सिरे चढ़ाने पर जोर लगाया जाएगा। वहीं खुखराना गांव को शिफ्ट करने में आ रही अड़चन को भी दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
कृष्णलाल पंवार, परिवहन एवं आवास मंत्री।
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पानीपत ग्रामीण हलके में बाहरी कॉलोनियों को वैध करना व डाहर गांव में शुगर मिल बनाने दो बड़े मुद्दे हैं। मैं विधानसभा की बैठक में दोनों मुद्दों को प्रमुखता के साथ उठाउंगा। डाहर गांव में शुगर मिल की आधारशिला मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ही रखी गई थी। अब इसका निर्माण कार्य व चलाने में कई पेंच फंस रहे हैं। वहीं बाहरी कॉलोनियों को वैध कराने की बात रखी जाएगी। तब तक इन कॉलोनियों में ड्रेनेज व गलियों के लिए 10-20 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
महिपाल ढांडा, विधायक पानीपत ग्रामीण।
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शहरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी पेयजल की समस्या है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये का रैनीवेल प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। जिसके अंतर्गत यमुना की तलहटी में कुएं खोदकर पानी एकत्रित किया जाएगा और वहां से पानी शहर में सप्लाई किया जाएगा। इसमें 20 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार व 80 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा दी जानी है। मैं तीन दिन के विस सत्र में इस प्रस्ताव को सदन में रखूंगी। इस परियोजना के बाद शहर में जन सुविधा के किसी दूसरे प्रोजेक्ट की शायद जरूरत महसूस न हों। हाली पार्क को भी पर्यटन स्थल का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
रोहिता रेवड़ी, शहरी विधायक।
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हलके में सड़कों व गलियों और दूसरे विकास कार्य लगातार करवाए जा रहे हैं। समालखा में सीएचसी की जगह बड़े अस्पताल की जरूरत है। मैं विस सत्र में इस बात को उठाने का प्रयास करूंगा और हलके की समस्याओं को सामने रखकर समाधान कराया जाएगा।
रवींद्र मच्छरौली, विधायक, समालखा।
- शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी ने रैनीवेल प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार किया
- करीब पांच सौ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट अधर में लटका हुआ है
- प्रोजेक्ट के तहत यमुना के किनारे कुएं बनाकर वहां से शहर में किया जाना है पेयजल सप्लाई
- ग्रामीण विधायक ने शुगर मिल व बाहरी कॉलोनियों का प्रस्ताव तैयार किया
- शुगर मिल की डाहर में 2016 में सीएम मनोहर लाल ने रखी थी आधारशिला
- बाहरी कॉलोनियों को वैध न करने तक मूल सुविधाओं के लिए बजट की भी रखेंगे मांग
- समालखा विधायक ने मेडिकल स्टोर व अस्पताल का प्रस्ताव तैयार किया
- परिवहन मंत्री ने जिले के तीनों विधायकों के प्रस्ताव में सहयोग की बात कही
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