धनतेरस को लेकर बाजार सजे
धनवंतरी की पूजा से स्वास्थ्य और सेहत बनी रहती है
- धनतेरस पर चांदी के बर्तन या लक्ष्मी गणेश अंकित सिक्का खरीदे
- धनतेरस पर खरीदें गए नए बर्तन दिवाली पर्व पर लक्ष्मी व गणेश का चढ़ाए
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। धनतेरस आज है। बाजारों में शोरूम व दुकानें सजकर तैयार हो गए हैं। सुबह सूरज की पहली किरण के साथ धनतेरस की खरीददारी शुरू हो जाएगी। धनतेरस पर सबसे ज्यादा जोर ऑटोमोबाइल, ज्वैलरी व बर्तन बाजार की खरीदारी होगी। ऐसे में इन सेक्टर के लोगों ने सामान्य दिनों की तर्ज पर अतिरिक्त कर्मचारी भी लगा लिए हैं।
सेक्टर-12 स्थित श्री सनातन धर्म शिव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राम पाठक ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। वहीं दूसरी और सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया हुआ है।
धनतेरस पर जिले में होगी भगवान धनवंतरी की पूजा
धनतेरस के दिन जिलेभर में भगवान धनवंतरी की बड़े ही उत्साह के साथ पूजा अर्चना की जाएगी। चूंकि भगवान धन बरसाने वाले है। वहीं धनतेरस पर सर्राफा बाजार में अधिक भीड़ रहती है। धनतेरस पर चांदी के बर्तन या लक्ष्मी, गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदने का विधान है। पंडित राम पाठक ने बताया कि जब धनवंतरी प्रकट हुए थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। इसलिए ही धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। वहीं कई स्थानों पर ऐसी मान्यता है कि इस दिन कोई वस्तु खरीदने से उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है।
धनवंतरी की पूजा से बना रहता है स्वास्थ्य
धनवंतरी देवताओं के चिकित्सक है और चिकित्सा के देवता माने जाते है। इस लिए चिकित्सकों के लिए धनतेरस का दिन महत्वपूर्ण होता है। घरों में धनतेरस के दिन पूरी विधि विधान के साथ धनवंतरी की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धाभाव से पूरी तैयारियों के साथ पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और सबका स्वास्थ्य बना रहता है।