प्रशासन ने सनौली खुर्द ब्लाक के गांव छाजपुर खुर्द में रविवार को करीब 170 एकड़ पंचायती जमीन से कब्जा खाली करवाया। आजादी के बाद से ही इस जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा चला आ रहा था। कब्जाधारियों की ओर से बोई गई खरबूजा, गन्ना अन्य फसलों को 15 ट्रैक्टरों की मदद से साफ कर दिया गया। इसके बाद से ही गांव में तनाव का माहौल है। प्रशासन इस पर नजर रखे हुए है।
छाजपुर खुर्द गांव में करीब 170 एकड़ पंचायती भूमि पर 60 वर्षो से अधिक समय से गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमाया हुआ था।
ये लोग यहां तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखकर खेती करते आ रहे थे। राजनीतिक दखलंदाजी के चलते अब से पहले कब्जा खाली नहीं करवाया जा सका था। पिछले दिनों नई बनी पंचायत के युवा सरपंच सोहनलाल प्रजापत के नेतृत्व में पंचायत ने बैठक कर सबसे पहले गांव में पंचायती भूमि से अवैध कब्जा छुड़वाने का प्रस्ताव पारित किया। पंचायत ने इस संबंध में उपायुक्त और एसडीएम को भी अवगत कराया।
उपायुक्त ने एसडीएम समालखा को इस भूमि से कब्जा छुड़ाने के आदेश दिए थे। इससे पहले तीन बार इस पंचायती भूमि से कब्जा छुडवाने के लिए भारी पुलिस बल की मांग की गई मगर पुलिस बल ना मिलने के चलते तीनों बार कब्जा नही छुड़ा पाए थे। फसल को नहीं उजाड़ने के लिए कुछ ग्रामीणों ने ट्रैक्टर के सामने आ कर विरोध भी किया, लेकिन पुलिस ने उनको दूर कर दिया।
मिले बिजली के अवैध कनेक्शन
पंचायत भूमि पर वर्षों से चले आ रहे कब्जे के दौरान खेती की जाती रही है। इस पंचायती भूमि पर बिजली निगम ने अवैध कब्जेधारियों को बिजली के कनेक्शन भी दिए हुए है। इससे निगम की कार्यप्रणाली की भी कलई खुल गई है।
सरपंच और ग्रामीणों ने मांगी सुरक्षा
छाजपूर खुर्द के सरपंच सोहनलाल प्रजापत, पंच राजबीर, मनीषा पंच, अमरीश कुमार वत्स, सुभाष शर्मा व कई अन्य ने पंचायत भूमि से कब्जा छुड़वाने पर कब्जेधारियों से जान का खतरा बताया है। उन्होंने एसपी और डीसी को पत्र लिख कर सुरक्षा की मांग की है।
छाजपुर खुर्द में वर्षों से कब्जाई गई जमीन को मुक्त करा दिया गया है और प्रशासन ने अपने अधीन कर लिया है। यहां पर सीमेंट के पोल भी लगा दिए गए हैं।
गौरव कुमार, एसडीएम समालखा ।