जिले में एक हफ्ते में जीएसटी फर्जीवाड़े का दूसरा सामने आया है। आरोपी ने तमिलनाडु की शिक्षिका के दस्तावेजों पर सेक्टर- 12 में खुशी एंटरप्राइजेज नाम से फर्जी फर्म खोली और जीएसटी नंबर ले लिया। दो साल में 17 करोड़ के बिल काट मुनाफा कमाया। उपरोक्त बिलों का एक करोड टैक्स बना, लेकिन जब विभाग की टीम वेरिफिकेशन के लिए कपंनी के पते पर पहुंची तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। थाना चांदनीबाग पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में जीएसटी विभाग के वार्ड-5 के टैक्सेसन इंस्पेक्टर ने बताया कि सेक्टर- 12 ग्राउंड फ्लोर शॉप नंबर 253 में खुशी एंटरप्राइजेज के नाम से दो साल पहले एक फर्म खोली गई थी। जिसका जीएसटी नंबर लिया गया। जिसके बाद से लेकर अब तक फर्म ने दो साल में कुल 17 करोड़ के बिल काटे, जिनका कुल एक करोड़ रुपये टैक्स बना। कंपनी पर शक होने पर फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया, जहां दिए गए पते पर कोई फर्म ही नहीं थी। आरोपियों ने जो दस्तावेज जीएसटी नंबर लेते समय दिए थे, वह भी फर्जी है। दस्तावेजों में आधार कार्ड और पैन कार्ड तामिलनाडु की रहने वाली एंटोनी अमुथा रानी पी के है, उन्होंने नोटिस भेज जानकारी मांगी तो महिला ने जवाब में बताया कि वह तमिलनाडु स्थित जेगन माथा मेट्रिक हायर स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्हें फर्म के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं है, उन्होंने कोई फर्म नहीं खोली। वहीं जांच अधिकारी एएसआई सुभाष ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।