मां का करवाचौथ का व्रत था, इसलिए बेटी को घास काटने को कहा तो नाराज बेटी ने फंदा लगाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव खोतपुरा में करवाचौथ का व्रत होने की वजह से एक मां ने उसकी बेटी को पशुओं के लिए घास काटने के लिए कहा। जिस पर 16 वर्षीय बेटी ने कहा कि उसकी स्कूल की छुट्टी है, वो काम नहीं करेगी। इस बात पर मां ने बेटी को डांट दिया व पशु चारा काटने की बोल कर पड़ोसी महिला के घर काम से चली गई। इसके बाद बेटी ने नाराज होकर घर के सबसे पिछले कमरे में जाकर फंदा लगाकर जान दे दी। बड़ी बहन को फंदे पर लटका देख छोटी बहन ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने शव को फंदे से नीचे उतारा व पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने परिजनों के बयान पर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
घटना शनिवार सुबह 10 बजे की है। गांव खोतपुरा निवासी मां राजबाला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी 11वीं की छात्रा मंजीत को पशुचारा काट कर लाने की बात कही। मां ने कहा कि उसका करवाचौथ का व्रत है, इसलिए वो ज्यादा मेहनत का काम नहीं कर सकती है। जिस पर बेटी ने कहा कि उसकी स्कूल की छुट्टी है, वो कुछ भी काम नहीं करेगी। साथ ही उसने पूरा दिन आराम करने की बात कही। जिस पर मां ने बेटी को धमकाया व पशुचारा लाने के बोल कर पड़ोसी महिला के घर हाथों में चुड़ियां पहनने चली गई। मंजीत की छोटी बहन संतोष ने बताया कि मां के जाने के बाद बड़ी बहन गुस्से में थी। उसने सिर दर्द से पीड़ित संतोष के सिर में तेल से मालिश की, जिससे वो सो गई। इसके बाद मंजीत घर के सबसे पिछले कमरे में चली गई। जहां उसने फंदा लगा लिया। घटना के वक्त मृतका की दो बड़ी बहनें सविता घर की छत पर झाडू लगा रही थी, बहन संतोष गली में खेल रही थी। पिता दूसरे कमरे में आराम कर रहे थे। बड़ा भाई गोविंद काम से कैथल गया हुआ है।