पूर्व मेयर ने सीएम विंडो पर खड़ा किया सवाल, निगरानी कमेटी पर लगाये आरोप, कहा- बिना संपर्क के शिकायत की बंद
-पत्रकार वार्ता कर पूर्व उपायुक्त व नगर निगम के इवो पर माल मालिक पर सांठ-गांठ का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मुख्यमंत्री विंडो पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में प्रशासन की ओर से लापरवाही का आरोप है। पूर्व मेयर का कहना है कि जब सिस्टम पूर्व मेयर के साथ मनमानी कर सकता है तो आम आदमी की दशा क्या होगी। इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
पूर्व मेयर का कहना है कि उन्होंने तीन अलग-अलग आवेदन सीएम विंडो पर लगाया है। जिसमें दो का निस्तारण तो बिना उससे संपर्क किये ही कर दिया गया। उनका आरोप है इन सबके पीछे निगरानी कमेटी से जुड़े लोगों का हाथ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि निगरानी कमेटी आम आदमी को न्याय दिला पाने में नाकाम साबित हो रही है।
उन्होंने तत्कालीन उपायुक्त पर आरोप लगाया कि 17 नवंबर को उनकी ओर से एक पत्र जारी किया गया। जिसमें 23 नवंबर को उसे सील करने का आदेश दिया गया। सीसटी मजिस्ट्रेट की ओर से अपनी रिपोर्ट में कहा गया कि मॉल के भीतर चल रहे बैंक्वेट हॉल के लिए कोई एनओसी नहीं ली गई है। इसी बीच मॉल प्रबंधन से सांठ-गांठ करके 22 नवंबर को ही एक आदेश किया जाता है कि माल सील करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनसे संपर्क कर पूरे मामले की जांच की जाए।
प्रापर्टी टैक्स 13 करोड़ से पौने दो करोड़ किया, जो अब तक नहीं हुआ जमा
आराप है कि नगर निगम की ओर से मॉल प्रबंधन पर 13 करोड़ का प्रापर्टी टैक्स घोषित किया गया। नगर निगम के इवो की ओर से उसे पौने दो करोड़ कर दिया गया। इतना ही नहीं वह पौने दो करोड़ रुपये भी अब तक नहीं जमा कराया गया। जबकि मॉल के छोटे-छोटे दुकानदारों की ओर से 25 से 50 हजार रुपये तक जमा करवा लिया गया।
जिस सड़क पर स्थगन आदेश उसे मरम्मत के नाम पर नई बना दी
पूर्व मेयर का आरोप है कि नगर निगम की दस सड़कों के निर्माण का मामला अदालत में चल रहा है। एक तरफ आरटीआई में बताया जा रहा है कि इसे स्थानीय विधायक कहने पर बनाया गया। जिस टेंडर नंबर से बनाया गया है। वह टेंडर मरम्मत के लिए हुआ है। 11 लाख 13 हजार का काम मरम्मत के नाम पर स्वीकृत हुआ है। यह सड़क सेठी चौक से सोनौली रोड पर 300 मीटर है। मरम्मत के लिए एसडी स्कूल, जगन्नाथ विहार मंदिर आदि।
नगर निगम में निर्माण कार्य टेंडर आवंटित करने के बाद किया गया है। रहा सवाल प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने का वह एक्ट के हिसाब से वसूला जा रहा है।
शिव प्रसाद शर्मा, आयुक्त नगर निगम पानीपत।