पिछली दिवाली से 40 पीएम टेन कम हुआ पॉल्यूशन
- पीसीबी का दावा स्मॉक फॉग दिखा कम, आंखों में जलन भी नहीं हुई
- शहर में सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस के सामने जमकर हुई बिक्री
- सनौली रोड, राजीव कॉलोनी, कच्चा व तहसील कैंप में हुई सबसे ज्यादा बिक्री
फोटो-27 से 32, 39 व 41, 42 से 44
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिवाली पर पटाखों की बिक्री की रोक के बाद जिले में पंड़ालों पर खुले में पटाखे नहीं बिक सके। पर्दे के पीछे पटाखों की बिक्री खूब हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद पटाखे कम चलने के चलते अगले दिन की सुबह स्मॉक फॉग कम ही दिखा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछली दिवाली से 40-50 पीएम टेन कम होने का दावा किया है। वहीं दिवाली के दिन झुलसने वालों के साथ आगजनी की घटनाएं भी कम रही।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली समेत हरियाणा एनसीआर के जिलों में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई थी। जबकि हाईकोर्ट ने शाम साढ़े छह से साढ़े नौ बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति दी थी। जिले में वीरवार शाम को पटाखे चलने शुरू हो गए और देर रात तक आसमान से पटाखों की गूंज उठती रही। हालांकि इनकी संख्या अपेक्षाकृत कम ही रही।
सुबह नहीं मिली स्मॉक फॉग
दिवाली से अगले दिन धुएं से आसमान में स्मॉक फॉग बन जाती है, लेकिन जिले में शुक्रवार को इस तरह का मौसम नहीं मिला। लोगों को आंखों में भी किसी तरह की जलन महसूस नहीं हुई। घरौंडा निवासी राजेश व दिनेश ने बताया कि वे शुक्रवार सुबह मोटरसाइकिल पर पानीपत आए थे। जीटी रोड पर उनको आंखों में धुंए की जलन महसूस हो रही थी, लेकिन पानीपत में आने के बाद इतनी जलन नहीं थी। उनको यहां पर सामान्य दिनों से भी कम पॉल्यूशन मिला। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार जिले में सामान्यत: प्रदूषण 170-180 पीएम टेन होता है। पिछली दिवाली के दिन यह 290 पहुंच गया था। इस बार 250 के आसपास ही रहने की उम्मीद है।
सिविल अस्पताल में एक झुलसा हुआ पहुंचा
दिवाली के दिन पटाखों से जलने वालों की संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती थी, लेकिन इस बार सिविल अस्पताल एक बच्चा ही पटाखों से झुलसा हुआ। तहसील कैंप निवासी मनीकांत ने बताया कि उसका लड़का सौरभ वीरवार शाम को पटाखा चला रहा था। पटाखा लगने से उसका हाथ झुलस गया। वहीं सिविल अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ ने बताया कि दिवाली के दिन सांस लेने की भी फुर्सत नहीं रहती थी, लेकिन इस बार अपेक्षाकृत कम ही मरीज अस्पताल में आए हैं।
चार स्थानों पर लगी आग, दो जगह शॉर्ट सर्किट बना कारण
शहर में पांच स्थानों पर दिवाली की रात आग लगी है। इनमें से दो जगह आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है। दमकल विभाग के अनुसार इंडस्ट्रीयल एरिया में अनिल स्पीनर मिल के गोदाम में आग लग गई। पोलिस्टर के गोदाम में आग लगने से सामान जल गया। काबड़ी रोड पक्की फाटक के पास एक गोदाम में आग लग गई। यहां पर आग शॉर्ट सर्किट से लगी। नूरवाला मोहित नगर गैस गोदाम के सामन राजेश जैन के गोदाम में कपड़े का कच्चा माल जल गया। देसराज कॉलोनी स्थित हैंडलूम के एक गोदाम में आग लग गई। वहीं सिद्धार्थ नगर की गली नंबर छह स्थित एक गोदाम में आग लग गई।
दीयों को लोगों ने किया पसंद, बिजली की खपत हुई कम
दिवाली के दिन लोगों ने दीयो को पसंद किया। बिजली निगम के अनुसार सामान्य दिनों जिले में 250 मैगावाट बिजली की खपत होती है। दिवाली के दिन छुट्टियों के चलते करीब 47 मैगावाट बिजली की खपत हो सकी है। हालांकि घरेलू बिजली खपत कुछ ही अधिक हुई है। बिजली निगम अधिकारियों के अनुसार उनके पास कुल बिजली यूनिट की खपत का रिकार्ड होता है।
कई जगह पुलिस के सामने ही बिके पटाखे
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी कई क्षेत्रों में जिले में पटाखे बेचे गए। शहर की राजीव कॉलोनी, कच्चा कैंप, कलंदर चौक, तहसील कैंप व सनौली रोड पर कई जगह पटाखे बेचे गए। सनौली रोड व राजीव कॉलोनी में गली पर ही मेज लगाकर पटाखे बेचे गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। राजीव कॉलोनी में एक पीसीआर तो पटाखा स्टाल के आगे से निकल गई।
वर्जन
जिले में दिवाली की रात को अपेक्षाकृत कम ही प्रदूषण हुआ है। लोग पटाखों के चलते पर्यावरण पर होने वाले असर को देखते खुद भी जागरूक नजर आए। पीसीबी द्वारा मॉनिटरिंग रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी। इसी के आधार पर सही आंकड़े सामने आ सकते हैं। उनको इस बार पिछले साल से कम ही पर्यावरण प्रदूषण मिला है।
भूपेंद्र सिंह, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पानीपत।