फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

161.57 करोड़ आय, 158 करोड़ खर्च का बजट पास

विज्ञापन
विज्ञापन
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित आय और व्यय के बजट पर बुधवार को हंगामे की वजह से सदन में चर्चा नहीं हो सकी। वर्ष 2020-21 के लिए निगम ने आय का 161.57 और व्यय का बजट 158 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। पिछले वित्तीय बजट के आय और व्यय के पैमाने में निगम खरा नहीं उतरा है, लेकिन फिर से चुनौती पूर्ण बजट प्रस्तावित किया गया है। हालांकि अब तक प्रस्तावित बजट को पास नहीं किया गया, उम्मीद है
विज्ञापन

निगम ने बजट में प्रॉपर्टी टैक्स से 45 करोड़, स्टांप ड्यूटी से 30 करोड़, डेवलपमेंट चार्ज से 35 करोड़, बिजली के पोल के मुंसिपल टैक्स से 25 करोड़ एवं अन्य साधनों से करीब 20 करोड़ की आय होने की संभावनाएं जताई हैं। इसके अलावा फायर टैक्स से 50 लाख, टावर-केबल से 1.50 करोड़, लाइसेंस फीस से एक करोड़, कॉपी फीस 25 लाख, विज्ञापन पर 82 लाख ओर आरटीआई से 10 हजार रुपये की आय को प्रस्तावित किया गया है। बीते वित्तीय वर्ष में इसे 139.35 करोड़ का प्रस्तावित किया था, लेकिन फरवरी 2021 तक महज 68.87 करोड़ ही आय हो पाई है। निगम कमाई के टारगेट से 61 करोड़ रुपये पीछे रहा है।
कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्तों को शामिल करते हुए 48 करोड़ का खर्च दिखाया है। वहीं, कूड़ा उठान समेत अन्य कार्यालय के खर्चों के लिए 50 करोड़, विकास कार्यों पर भी 50 करोड़ व स्ट्रीट लाइटों व बिल भुगतान के लिए 10 करोड़ का खर्च निर्धारित किया है। आकस्मिक खर्च की श्रेणी में 50 करोड़ रुपये को एडमिनिस्ट्रेटिव स्कीम, सोशल वर्क, ठेकेदार और आउटसोर्स के कर्मचारियों पर होने वाले खर्च को शामिल किया है। 2020-21 के वित्तीय वर्ष में खर्च 135 करोड़ का पास किया गया था। फरवरी 2021 तक केवल 61.95 करोड़ ही खर्च हो सका है, जिसे अब 158 करोड़ का प्रस्तावित किया गया है। इस हिसाब से पिछले खर्च बजट में भी निगम अपने प्रस्तावित बजट से 63 करोड़ पीछे रहा है।
विज्ञापन

निगम की आय के सभी 13 मदों से निगम ने गत वित्तीय वर्ष केवल 68.87 करोड़ की ही आय की है, जबकि 61.95 करोड़ खर्च किए गए हैं। सबसे ज्यादा आय प्रॉपर्टी टैैक्स से 20.81 करोड़ की है, जबकि इससे पहले निगम टैक्स से केवल 7.42 करोड़ ही हो पाई थी। वहीं, स्टांप ड्यूटी से निगम ने 26.45 करोड़ कमाएं हैं, जो केवल 11.91 करोड़ रुपये ही था। गत वित्तीय वर्ष में सिर्फ डेवलपमेंट चार्ज की वसूूली में ही पीछे रहा है। निगम ने इस मद से 19.86 करोड़ की रिकवरी की है जो गत वर्ष केवल 6.97 करोड़ रुपये ही था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें