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रेत खनन से नदी के बांध पर कटाव, मानसून में बाढ़ का खतरा

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सनौली। यमुना के अंदर जल स्तर घटते ही रेत तस्करी बढ़ गई है। सूखी यमुना और ड्रेन-2 से रेत की तस्करी की जा रही है। नतीजा नदी के बांध पर कई जगह पर कटाव हो गया है, जिससे मानसून में हरियाणा की सीमा से लगे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इतना ही नहीं पंचायती जोहड़ों से भी रेत खनन की किया जा रहा है। प्रशासन की ढील के चलते तस्करों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में काफी नुकसान हो सकता है। नदी से सटे गावों के लोगों ने पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से रेत की तस्करी किए जाने का आरोप लगाया है।
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पानी का स्तर कम होने की वजह से यमुना किनारे ही रेत मिल जाता है, जिसकी वजह से रेत की तस्करी करना आसान हो गया है। यह खनन अवैध रूप से किया जा रहा है और बाजार में बेचा जा रहा है। कस्बे में यमुना सटे से गांव गोयला, खोजकीपुर, नन्हेड़ा, अधमी, मिर्जापुर, राणा माजरा, तामसाबाद, पत्थरगढ़, सनौली, रिशपुर सहित छाजपुर ड्रेन नंबर 2 में तस्कर दिन-रात अवैध खनन पर जुटे हुए हैं। बड़ी संख्या में झोटा-बुग्गी से रेत निकलवा कर तस्करी की जा रही है। जिन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
बोले किसान : किसान देवेंद्र, मदन, सुेरश, बलराज, सुमित, अभिषेक, महावीर, बलवान, राजेश आदि ने बताया कि यमुना नदी के किनारे और ड्रेन नंबर-दो के लगते जालपाड़, रसलापुर, छाजपुर, कुराड़, नंगला, बबैल आदि गांव में अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। रेत खनन से नदी के दोनों किनारों के मिट्टी के बांध पर कटाव पड़ गया है। जिसके चलते ड्रेन में पानी छोड़े जाने पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सिंचाई विभाग व प्रशासन को इस बारे में अवगत भी करवा चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ किसी तरह की ठोस करवाई न होने पर रेत तस्करी धड़ल्ले से हो रही है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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बोले अधिकारी : सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी व एसडीओ कर्मबीर ने बताया कि ड्रेन नंबर दो में हो रही रेत तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदी से रेत खनन नहीं होने दिया जाएगा। वहीं माइनिंग अधिकारी माधवी गुप्ता का कहना है कि बारी-बारी से रेत तस्करों पर कार्रवाई को लेकर अभियान चलाए जाते हैं। यमुना से सटे क्षेत्र में रेत तस्करी नहीं होने दी जाएगी। पुलिस टीम भी गश्त करती है।
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