पानीपत। गांव उझा के सरकारी स्कूल में छात्राओं से झूठे बर्तन साफ करने और रोटियां बनाने का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद गांव वासियों का पारा चढ़ गया। इस मामले में ग्राम पंचायत ने तुरंत स्कूल के अध्यापकों, वर्करों और गांव के निवासियों के साथ सरकारी स्कूल में ही बैैैठक की। सभी अध्यापकों व वर्करों को चेतावनी दी कि ऐसा दोबारा नहीं होने चाहिए। लापरवाही हुई तो कार्रवाई कराई जाएगी।
मंगलवार को गांव निवासी टीनू और संजय स्कूल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आठवीं कक्षा की तीन छात्राएं खाना बनाने से लेकर बर्तन तक साफ कर रहीं हैं। जब उन्होंने इस मामले में वर्करों से बात की तो उन्होंने कहा कि अब इनके पेपर हो चुके हैं, इसलिए हम इनसे मदद ले रहे हैं। उन्होंने इसकी वीडियो बनाई और व्हॉट्सएप पर वायरल कर दी। वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। इस मामले में ग्रामीणों ने अध्यापकों को चेतावनी दी है कि उनके बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैं, न कि काम करने के लिए। इसके बाद बुधवार को ग्राम पंचायत में सभी ग्रामीणों व पंचों ने अध्यापकों व स्कूल स्टाफ के साथ बैठक की।
खाना बनाने के लिए मिली हुईं पांच वर्कर : ग्राम पंचायत की बैठक में कहा गया कि जब मिड डे मील बनवाने के लिए सरकार की ओर से पहले ही पांच वर्कर मिली हैं तो छात्राओं से खाना क्यों बनवाया जा रहा है।
अपना बर्तन साफ कर रही थी छात्रा : राजकीय विद्यालय उझा के मिडल हेड संजीव आर्या ने बताया कि वीडियो में जो छात्रा थाली साफ कर रही है, वह उसकी की थाली है। वह खाना खाने से पहले अपनी थाली साफ कर रही थी। जो बच्ची वर्करों के साथ खाना बनवा रही है, उस मामले में सभी वर्करों ने माफी मांग ली है।
स्कूल की कक्षा में पढ़ा रहा था, इसलिए हुई लापरवाही : प्रधानाचार्य धनप्रकाश सैनी ने बताया कि वह कक्षा में बच्चों को पढ़ा रहे थे, इसी बीच यह मामला हो गया है। तुरंत उन्होंने बच्चियों को वहां से हटवाया और वर्करों को सख्त निर्देश दिए। वहीं बच्चियों को कहा कि वह आगे से ऐसा कार्य नहीं करेंगी। वह केवल अपनी शिक्षा पर ध्यान देंगी। प्रधानाचार्य ने बताया कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और न कभी होगा। वर्करों को भी सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
पंचायत बोली, वीडियो वायरल होने से गांव की बदनामी हुई : पंचायत में कहा गया कि जिस भी व्यक्ति ने यह वीडियो वायरल किया है, उसको भी बुलाकर समझाया जाएगा। विडियो वायरल होने से उनके गांव की छवि पर असर पड़ा है। गांव के सरकारी स्कूल के अध्यापकों के चरित्र पर उंगलियां उठी है, आगे ऐसा नहीं होना चाहिए।
यह मामला संज्ञान में है, वीरवार को स्कूल में जाकर वीडियो की जांच करेंगे और रिपोर्ट बनाकर कार्रवाई की संस्तुति करेंगे।
- ज्ञानीराम कौशिक, बीईओ, बापौली