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प्रोपर्टी टैक्स का ब्याज माफ, शहर के 1 लाख 40 हजार लोगों को मिलेगा फायदा

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प्रोपर्टी टैक्स का ब्याज माफ, शहर के 1 लाख 40 हजार लोगों को मिलेगा फायदा
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पानीपत। सीएम मनोहर लाल की सरकार ने प्रदेश में प्रोपर्टी टैक्स पर लगे ब्याज में पूर्ण रूप से छूट दे दी हे सरकार ने ने ब्याज पूरी तरह से माफ कर दिया है। कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने टविट कर ये जानकारी दी है। ऐसे में पानीपत के 1 लाख 40 हजार लोगों को इसका सीधा फायदा होगा। पानीपत में 187 करोड़ रुपए प्रोपर्टी टैक्स के रूप में बकाया है। पिछले छह साल से सर्वे ना होने के कारण ये टैक्स अब तक जमा नहीं हो पाया है। इसके लिए नगर निगम अधिकारियों को समय समय पर सरकार की फटकार भी लगती रही है। पानीपत के 100 बड़े लोगों का 102 करोड़ रुपए बकाया है।
नगर निगम नए साल के पहले सप्ताह से प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे शुरू करने जा रहा है। इससे पहले यह सर्वे 2013 में हुआ था। उस समय शहरवासियों के 80 प्रतिशत से ज्यादा बिल गलत बने थे, जो कि 5 साल बीतने के बाद भी ठीक नहीं हो पाए हैं। उस समय में गलत हुए बिलों को अब शहरवासी सर्वे के दौरान ही सही करवा सकेंगे, क्योंकि सर्वेयर मौके पर ही निगम की प्रोपर्टी टैक्स ब्रांच का पूरा रिकॉर्ड भी लेकर आएंगे। इससे शहरवासी मौके पर ही अपनी प्रॉपर्टी व टैक्स बिल से संबंधित गलतियों को सही करवा सकेंगे।
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शहर में सर्वे करने की जिम्मेदारी जयपुर की याशी कंसल्टिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। कंपनी ने पानीपत सहित पूरे प्रदेश का सर्वे करने की जिम्मेदारी ली है। सर्वे में मुख्य रूप से ड्रोन प्रयोग किए जाएंगे। ड्रोन उड़ाने के लिए एसपी को इजाजत पाने के लिए पत्र लिखा गया है। निगम अधिकारियों का दावा है कि इसी सप्ताह में इजाजत मिलने षे साथ ही सर्वे भी शुरू हो जाएगा।
ड्रोन से यूनिटों की पहचान व फोटो होंगे
ड्रोन से यूनिटों की पहचान व फोटो होंगे। साथ ही सर्वेयर भी रिकॉर्ड के साथ घूमेंगे, जोकि जनता की शिकायतों का समाधान प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी गलतियों को सही करेंगे।
बिलों या प्रॉपर्टी से संबंधित गलतियों का 80% समाधान कंपनी के कर्मचारी ठीक करेंगे। बाकी बची 10% गलती को निगम कर्मचारी वेरिफाई करके सही कर सकेंगे।
40 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट था
शहर में 1 लाख 40 हजार प्रॉपर्टी टैक्स यूनिट हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 40 करोड़ रुपए रेवेन्यू का टारगेट रखा गया था। जिसमें से 9 महीने में 4 करोड़ रेवेन्यू ही आ पाया है। अब वित्तीय वर्ष पूरा होने में मात्र 3 महीने ही बचे हैं। इन महीनों निगम के लिए 36 करोड़ रुपए रेवेन्यू की रिकवरी करना बड़ी चुनौती ।
एल्डिको, निजामपुर व शिमला मौलाना की राशि कटी: वित्तीय वर्ष में एल्डिको, निजामपुर व शिमला मौलाना में आने वाले घर, दुकान या फैक्ट्री के प्रॉपर्टी टैक्स की राशि भी शामिल की गई है। निगम से बाहर हो चुकी हैं। साइटों की जो राशि टारगेट में जोड़ी जाती थी, वह भी कट गई है।
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100 बकायादारों के साथ बैठक आज
इस समय बड़े-बड़े 100 बकाएदार (डिफाल्टर) हैं। इनके ऊपर 102 करोड़ रुपए तक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। कमिश्नर का कहना है कि इन लोगों के साथ गुरुवार को बैठक रखी गई हैं। जिस किसी बकायादार की प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित शिकायत होगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।
नए साल से शुरू होगा
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