पार्षद नाली साफ करवाएं और सुअर पकड़वाए, विधायक केवल पत्थर लगाएं
शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि पूर्व मेयर काबिलियत होती तो उनका नाम पत्थरों पर होता
डॉ. अर्चना की बात पर भड़के उद्यमी, पूर्व मेयर ने सफाई पर पार्षदों की जिम्मेदारी तय होना और पत्थर विधायक द्वारा लगाने की बात पर भड़के रेवड़ी
-सर्व संगठन सेवा संस्थान द्वारा पाइट संस्कृति स्कूल में आयोजित की गई महापंचायत
-दो सौ संगठनों, पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों को आमंत्रित किया
-सर्व संगठन सेवा संस्थान शहर को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर लेगा राय
-नगर निगम के अधिकारियों को भी सफाई बनाए रखने में दी जाएंगी राय
-स्वच्छता सर्वेक्षण से दो दिन पहले महापंचायत शहर के लिए मानी जा रही है अहम
फोटो-22 से 32
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। स्वच्छता पर महापंचायत में जनप्रतिनिधि व शहर के उद्यमी बोलों पर आपस में ही उलझ गए। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने सफाई व नालियों पर पार्षदों की जिम्मेदारी तय होने के सवाल पर कहा कि पार्षद नाली साफ करवाएं और वे ही सुअर पकड़वाएंगे तो विधायक केवल पत्थर की लगाएंगे के सवाल पर शहरी विधायक के पति सुरेंद्र रेवड़ी भड़क गए। उन्होंने कहा कि पूर्व मेयर को काम करना होता तो वे अपने कार्यकाल में काम कर सकते थे। वहीं भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा फैक्ट्री मालिकों द्वारा विषेला पानी छोडने व प्रदूषण फैलाने की बात पर उद्यमी भड़क गए। उद्यमियों ने कहा कि वे रेवेन्यू नहीं दें तो सरकार नहीं चलेगी। ऐसे में महापंचायत में स्वच्छता को लेकर किसी तरह का ठोस फैसला नहीं लिया जा सका।
सर्व संगठन सेवा संस्थान द्वारा रविवार को सेक्टर-25 स्थित पाइट संस्कृति स्कूल में स्वच्छता पर महापंचायत बुलाई गई। जिसमें शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा और निगम कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। मेयर सुरेश वर्मा स्वच्छता महापंचायत में शामिल नहीं हुए। रविवार सायं करीब चार बजे शुरू पंचायत करीब साढ़े सात बजे तक चली। जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता पर अपनी-अपनी राय दी।
पूर्व मेयर के निकलते ही विधायक पति ने दिया जवाब
पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि गलियों व नालियों की सफाई कराने और फाइल उठाकर काम कराने का काम पार्षदों का है। मैं दो सफाई कर्मियों की मांग को लेकर पिछले चार माह में चालीस चक्कर नगर निगम के काट चुका है, लेकिन सफाई कर्मी नहीं मिल पाए हैं। इतना काम पार्षदों को करना पड़ता है तो फिर विधायक सिर्फ पत्थर ही लगाएंगे। वे अपनी बात पूरी कर बैठक से चले गए। इसके जाते ही तुरंत शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी ने माइक संभाला। उन्होंने कहा कि पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह में काम करने की काबिलियत होती तो वे अपने समय में काम कराते और पार्षदों को साथ लेकर चलते। वे मेयर होते तो उनका नाम पत्थरों पर होता। विधायक या उनको पत्थर नहीं लगाने पड़ते।
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि फैक्ट्री फैला रही गंदगी
भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि पानीपत ऐतिहासिक शहर है, लेकिन उद्योगों के चलते गदंगी फैली रहती है। कुछ उद्यमी डाई हाउस का पानी जमीन में छोड़ देते हैं। ऐसे में लोग जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं। कई उद्योगों से गदंगी निकलती है। मैं खुद एक डॉक्टर हूं। मैं अपनी सेहत का पूरा ख्याल रखती हूं, लेकिन इस प्रदूषण में फिर भी बीमार हो जाती हूं। उनकी इस बात पर उद्यमी भड़क गए। कई उद्यमियों ने उनको बीच में ही टोक दिया। उन्होंने कहा कि उद्यमियों के रेवेन्यू से ही सरकार चलती है। उनका इस तरह से अपमान करना गलत है।
संस्थान पदाधिकारियों ने भी दी अपनी राय
सर्व संगठन सेवा संस्थान ने स्वच्छता महापंचायत में शहर को एक नई राह दिखाई। मुख्य संयोजक सुरेश काबरा ने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। वे सजग रहेंगे तो सफाईकर्मी पूरी निष्ठा के साथ काम करेंगे। संयोजक मेहूल जैन, शहरी संयोजक ललित गोयल व ग्रामीण संयोजक कुलबीर खर्ब ने भी स्वच्छता को लेकर अपनी-अपनी राय दी। इन सबके बीच हंसी मजाक भी चलता रहा। उद्यमी रोशनलाल गुप्ता ने कहा कि वे सफाई को लेकर शहरी विधायक के पास गए थे। इस पर ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने कहा कि आप शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पास गए थे या सुरेंद्र रेवड़ी के पास गए थे। इस पर शहरी विधायक ने जवाब दिया कि मैं और मेरे पति दोनों विधायक हैं।
कोट्स फोटो
रोशनलाल गुप्ता ने कहा कि शहर की जनता व वीआईपी एक ही रास्ते से निकलते हैं। शहरवासी इस गंदगी को देखते हैं, लेकिन उनका कोई ध्यान नहीं है। पार्षदों को अपने एरिया का खुद ध्यान रखना है। पार्षद ऐप पर फोटो डालकर सफाई कराएं। पार्षद ऐसा नहीं कर सकते हैं तो वे अपने पद से इस्तीफा दें।
कोट्स फोटो
रामनिवास गुप्ता ने बताया कि मेरा ऑफिस रेलवे रोड पर होता था। मेरे पास बायर आते थे। उन्होंने एक दिन ऑफिस में आकर सैंपल देखे थे। इसी समय तेज बारिश हो गई। रेलवे रोड पर पानी जमा हो गया। वे उसको होटल में ले गए। यहां पर रास्ते में एक पार्क में सुअर मिला। विदेशी बायर की बातों पर उनको खुद शर्मिंदगी महसूस की।
कोट्स फोटो
संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान अनिल मदान ने कहा कि जितना हक व अधिकार निगम पर रखना चाहते हैं, उतनी ही जिम्मेदारी सफाई में भी बनती है। लोगों को इसको लेकर आगे आना चाहिए। निगम द्वारा जगह-जगह पर डस्टबीन भी लगवाए गए, लेकिन गंदगी डस्टबीन में न डालना लोगों की आदत बन गई है।
कोट्स फोटो
शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी ने कहा कि स्वच्छता पर महापंचायत बुलाना अच्छी बात है। इसको छह माह पहले ही शुरू कर देना चाहिए। इससे लोग जागरूक होते और सफाई होती। मैं और मेरे पति सुरेंद्र रेवड़ी स्वच्छता अभियान में शहर व निगम अधिकारियों के साथ हैं।
कोट्स फोटो
ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने कहा कि स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू देने की बात ऊंची आवाज में करने वाले लोगों की सच्चाई निगम के पास है। यह सच्चाई सामने आ जाएं तो उनके रेवेन्यू देने के सब दावों की हवा निकल जाएं। किसी तरह का समाधान होने पर
कोट्स फोटो
प्रतिष्ठा फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. कूंजल प्रतिष्ठा ने नगर निगम कमिश्नर शिवप्रसाद शर्मा को पानीपत ऐप के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सुखदेव नगर बस स्टैंड की दीवार के साथ नगर निगम का कूड़ा प्वाइंट बनाया गया है। यहां से कूड़ा उठाया नहीं जाता। ऐसे में लोग को भी जगह नहीं मिल पाती। वे सब सड़क पर ही कूड़ा फेंक जाते हैं। मैंने इसकी फोटो तीन दिन पहले ऐप पर भेजी थी, लेकिन आज भी कूड़े की स्थिति वैसी ही है।
कोट्स फोटो
संजय ठाकुर ने कहा कि गुड़ मंडी में ठीक से सफाई नहीं हो पाती। मैं नगर निगम में खुद कई बार जा चुका हूं, लेकिन किसी तरह की सुनवाई नहीं हो पाती। नगर निगम को लोगों का सहयोग लेने से पहले अपने स्तर पर कुछ प्रयास करने चाहिए।
वर्जन
स्वच्छता महापंचायत में शहर की सफाई पर मंथन किया गया है। शहरवासियों ने स्वच्छता को लेकर कुछ सुझाव भी दिए हैं। निगम लगातार सफाई करेगा और 26 जनवरी से शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी शुरू कराया जाएगा।
शिवप्रसाद शर्मा, कमिश्नर, नगर निगम, पानीपत।