डिलीवरी के बाद नवजात की मौत, परिजनों-चिकित्सकों ने एक दूसरे पर लगाया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में डिलीवरी के आधे घंटे बाद ही नवजात की मौत हो गई, मगर उसकी मौत की गुत्थी उलझ गई है। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही बरतने का का आरोप लगाते हुए हंगामा किया तो डॉक्टरों ने परिजनों पर ही देखरेख में लापरवाही की तोहमत मढ़ दी। फिलहाल पुलिस ने नवजात बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के एकता विहार कॉलोनी निवासी सुषमा की पहली डिलीवरी थी। उसका पति अर्जुन एक फैक्ट्री में काम करता है। अर्जुन अपनी पत्नी सुषमा को प्रसव पीड़ा के चलते ईएसआई हॉस्पिटल में लेकर आया था। उसका यहां पर ईएसआई कार्ड पर इलाज किया जा रहा था। सुषमा की बुधवार को सुबह करीब 11 बजे तबीयत बिगड़ने लगी तो ईएसआई के डॉक्टरों ने सुषमा को पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया। इधर, परिजन उसको खानपुर ले जाने की बजाय सिविल अस्पताल में ले गए। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने चेकअप के बाद ऑपरेशन से डिलीवरी कराने की बात कही। परिजन डॉक्टरों की सलाह पर राजी हो गए। सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के बाद सुषमा की डिलीवरी हुई।
परिवार की खुशी मनाने से पहले ही मातम
परिजनों के अनुसार सिविल अस्पताल में करीब एक बजे डिलीवरी हुई। उन्होंने करीब 20 मिनट बाद बच्चा उनको दे दिया। वे पहले बच्चे को गोद में पाकर खुशी भी नहीं मना पाए थे कि 15 मिनट में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने तुरंत डॉक्टरों से संपर्क किया। सिविल अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ ने इलाज भी किया, लेकिन कुछ देर में बच्चे की मौत हो गई।
डॉक्टर व परिजन बच्चे की मौत में आमने-सामने
नवजात बच्चे की मौत के बाद डॉक्टर व परिजन आमने-सामने हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी कराने में डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है। आरोप है कि, डॉक्टरों ने बच्चा पैदा होने के बाद 15-20 मिनट तक उसकी साफ-सफाई की थी। इस दौरान उसको निमोनिया हो गया। जिसके चलते बच्चे की मौत हो गई। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ ने बताया कि सुषमा की डिलीवरी के दौरान की बच्चे का मल पेट में निकल गया था। ऐसे में सुषमा की भी जान जा सकती थी। उन्होंने परिजनों की परमिशन के बाद ही सुषमा की डिलीवरी ऑपरेशन से कराई थी। उन्होंने बच्चे को परिजनों को ठीक हाल में सौंपा था। उन्होंने घूंटी देेते समय या फिर संभालते समय किसी तरह की लापरवाही बरती होगी।
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा नवजात का शव
बस अड्डा चौकी पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को शांत किया। बच्चे के दादा प्रमोद व फूफा रविंद्र ने सिविल अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए और नवजात बच्चे का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
सिविल अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत का मामला मेरे संज्ञान में आया है। नवजात के शव का वीरवार को बोर्ड के बीच पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसमें किसी तरह से डॉक्टरों या स्टाफ की लापरवाही मिलती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल, पानीपत।
सिविल अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों की मांग पर नवजात के शव का पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने फिलहाल इसमें 174 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस वीरवार को नवजात बच्चे के शव पोस्टमार्टम कराएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी।
राजेश कुमार, प्रभारी, बस अड्डा चौकी।