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रोड़ धर्मशाला में तालमेल कमेटी की आठों यूनियनों के साथ हुई मींटिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। हरियाणा रोडवेज की यूनियनों ने प्राइवेट परमिटों के विरोध में चक्का जाम और संघर्ष का ऐलान कर दिया है। यूनियनों ने एकजुट होकर सरकार को चेताया है कि अंबाला में बैक डोर से एंट्री होने वाली प्राइवेट बसों को नहीं रोका गया तो वे 13 जून मंगलवार को प्रदेशभर के रोडवेज डिपो में चक्का जाम कर देंगे। यूनियनों ने 18 जून को परिवहन मंत्री और नौ जुलाई को मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की चेतावनी दी है। यूनियनों की चेतावनी के बाद एक बार भी सरकार और अधिकारियों के स्तर पर उनको मनाने की गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
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हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी की बैठक रविवार को जीटी रोड स्थित रोड़ धर्मशाला में हुई। इसमें रोडवेज की प्रदेशभर की आठ यूनियनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता बीएमएस के राज्य प्रधान आजाद सिंह मलिक ने की। यूनियन नेताओं ने कहा कि अंबाला डिपो दो दिन से पूरी तरह से बंद है। लेकिन, इसको लेकर प्रशासन और सरकार गंभीर नहीं है। अंबाला डिपो में प्राइवेट ऑपरेटर धक्काशाही कर बसों को पीछे के रास्ते से डिपो में ले जा रहे हैं। इससे रोडवेज कर्मचारी नाराज है। इसके अलावा सरकार से जब यूनियनों की बैठक हुई थी तो यूनियन ने कहा था कि अभी प्रदेश में 844 बसें चल रही हैं। वे जिस रूट पर चल रही हैं, उन्हें चलने दें। अब निजी बस वाले नए परमिट लेकर बसों को नए-नए रूटों पर दौड़ा रहे हैं। यह गलत है। राज्य प्रधान आजाद सिंह मलिक ने कहा कि अगर अंबाला प्रशासन और सरकार ने इसका समाधान नहीं किया तो मंगलवार 13 जून को हरियाणा में बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने नई पॉलिसी नहीं रोकी तो 18 जून को परिवहन मंत्री के आवास का बड़ी संख्या में घेराव किया। इसके बाद नौ जुलाई को करनाल में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी जो प्राइवेट बसें चल रही हैं। वे भी शर्तों को पूरा नहीं कर रहीं। इसके बाद भी आरटीए मूकदर्शक बने हुए हैं। इस मौके पर दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, महासचिव अशोक खोखर, राज्य प्रधान वीरेंद्र धनखड़, जगमोहन, चंद्र सिंह, धर्मबीर हुड्डा, बलराज देशवाल, रत्न सिंह जांगड़ा, रमेश सैनी, अनूप सिंह सहरावत, बाबूलाल मौजूद रहे।
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