वैध हुईं 29 कॉलोनियों में अगले माह से शुरू हो सकता है पाइप लाइन का काम
33 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर, 102 किलोमीटर लंबी वाटर सप्लाई लाइन बिछेगी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। वैधता के नियमों पर खरी उतरने वाली 29 कॉलोनियों में वाटर सप्लाई के लिए 33 करोड़ का प्रोजेक्ट पास हो गया है। डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। इन कॉलोनियों में 33 करोड़ में 104 किलोमीटर लंबी वाटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। चंडीगढ़ में हुई सरकार के प्रतिनिधि व नगर निगम अधिकारियों के बीच मीटिंग में इस पर मुहर लगी है। अक्तूबर माह में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा नगर निगम इन कॉलोनियों में सीवरेज व ड्रेन व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी काम तेजी से कर रहा है। इसका प्रोजेक्ट भी लगभग तैयार है। इन कॉलोनियों में वाटर सप्लाई, ड्रेन व सीवरेज का काम एक साथ शुरू करने के प्रयास चल रहे हैं। यह सभी कॉलोनियां ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में आती हैं। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में इन्हें वैध करने का वादा किया था। अब इन कॉलोनियों में विकास कार्य शुरू होने से 90 हजार लोगों को फायदा होगा।
फिलहाल 22 हजार घरों के पास नहीं वाटर कनेक्शन
शहर की वैध कॉलोनियों में 70 हजार मकान हैं। 48 हजार घरों में पानी के कनेक्शन हैं, जबकि 22 हजार घरों के पास वाटर कनेक्शन नहीं है। इन लोगों को प्राइवेट वाटर सप्लाई से ही पानी लेना पड़ता है। अब कॉलोनियां वैध होने के बाद मकानों को पानी के कनेक्शन मिलेंगे।
इन 29 कॉलोनियों में होगा काम
वार्ड -1 : बाबरपुरमंडी, बिचपड़ी, संत नगर।
वार्ड-2 : इंदिरा कॉलोनी, मोहित कॉलोनी, मोतीराम कॉलोनी, नूरवाला, परशुराम कॉलोनी।
वार्ड-5 : बिल्लू कॉलोनी नूरवाला, धमीजा कॉलोनी।
वार्ड-6 : अशोक विहार कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, महादेव कॉलोनी-1, पुराना दलबीर नगर-1, शिव नगर।
वार्ड-7 : डाबर कॉलोनी।
वार्ड-12 : आर्यनगर, बलजीत नगर, विद्यानंद कॉलोनी।
वार्ड-13 : सैनी कालोनी, शांति कॉलोनी।
वार्ड-14 : विकासनगर।
वार्ड-18 : भगतसिंह कॉलोनी, सौंधापुर कॉलोनी।
वार्ड-22 : गोपाल कॉलोनी, विर्क नगर।
वार्ड-23 : शक्तिनगर।
वार्ड-24 : देवकॉलोनी, गाबा कॉलोनी।
वैध होने पर कॉलोनियों में ये होगा विकास
वैध होने से कॉलोनियों में विकास के रास्ते खुलेंगे। फिलहाल फुल एग्रीमेंट पर बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं, पर ये स्थायी निवास के तौर पर मान्य नहीं। वैध होने के बाद यह परेशानी दूर हुई है। अब कॉलोनियों में सीवर डाले जाएंगे। इन 50 कॉलोनियों में रजिस्ट्री शुरू होंगी। इस पर वर्ष 2011 से रोक लगी हुई है। जमीन की खरीद और बिक्री शुरू हो जाएगी। निगम को स्टांप के रूप में राजस्व मिलेगा। मकान बनाने के लिए नक्शे पास कराना भी जरूरी होगा।
ऐसे मिली वैधता
विधानसभा ने सितंबर, 2013 में हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमिनिटीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेफिसिट म्युनिसिपल एरिया एक्ट पारित किया था। इसमें 30 जून, 2013 तक बसी अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने और वैध का प्रावधान था। एक जनवरी, 2014 तक की कॉलोनियों के वैध का प्रावधान किया। पानीपत नगर निगम की बात है तो 2012 में वार्ड-17 की न्यू आरके पुरम न्यू मुखीजा कॉलोनी और वार्ड-3 के संतनगर और आर्य नगर को नियमित करवाने के लिए इनकी सूची भेजी थी। सितंबर 2014 में जारी अधिसूचना में इन कॉलोनियों का नाम नहीं था। इसके बाद यहां कॉलोनियों को वैध कराने के लिए सर्वे किया गया तो 79 कॉलोनियां 50 प्रतिशत से अधिक आबाद हो चुकी थी। 49 कॉलोनियां वैधता के नियमों पर खरी उतर रही थी। तभी से इन कॉलोनियों को वैध कराने के प्रयास तेज हुए थे।
प्रोजेक्ट को मिली है मंजूरी
29 कॉलोनियां हाल में वैध हुई हैं। उनमें वाटर सप्लाई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। ये 102 किलोमीटर लंबी होगी। इसका 33 करोड़ का बजट पास हुआ है। इसके अलावा इन कॉलोनियों में सीवर व ड्रेन सिस्टम को भी दुरुस्त करने का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। अब वैध हुई कॉलोनियों में नियमानुसार कार्य शुरू होंगे।
- प्रदीप डागर, निगमायुक्त