स्टेशन पर चाय-पकोड़े बेचने वालों को नहीं किसी का डर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गर्मियों की छुट्टियों में रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। वहीं वेंडर स्टेशन व ट्रेनों में अपना सामान मनमाने दामों पर बेच रहे और गंदगी फैला रहे। लेकिन स्टेशन पर वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) नहीं आते। ऐसे में वेंडरों की मनमर्जी के चलते यात्री परेशान हैं। पानीपत रेलवे स्टेशन पर हर रोज करीब 25 हजार से ज्यादा यात्री ट्रेनों में सफर करते हैं। लेकिन गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण यह संख्या बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर 160 से अधिक ट्रेनें पानीपत रेलवे जंक्शन से होकर गुजरती है। लेकिन रेलवे स्टेशन पर वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) ही नहीं है।
25 मार्च को सीएमआई संजीव साहा का तबादला कलकत्ता होने के बाद दिल्ली डिविजन ने पानीपत का अतिरिक्त कार्यभार नई दिल्ली के सीएमआई राकेश कालड़ा को दिया था। लेकिन कालड़ा 84 दिनों में सिर्फ चार बार ही स्टेशन पर आए हैं। इन चार बार में दो बार तो डीआरएम के निरीक्षण करने से एक दिन पहले व निरीक्षण के दिन ही आए हैं।
बिना परमिशन ट्रेनों में चढ़कर बेचते हैं खाद्य पदार्थ
स्टेशन परिसर में मौजूद वेंडरों को बिना परमिशन ट्रेनों खाद्य पदार्थ बेचने की मनाही है। लेकिन इसके बावजूद वेंडर ट्रेनों में खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं। जिस पर स्थानीय अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
यात्रियों को नहीं देते ट्रेन में चढ़ने-उतरने
वेंडर स्टेशन परिसर में ट्रेन के आते ही चलती हुई ट्रेन में चढ़ने लगते हैं, जिस कारण यात्रियों को उतरने चढ़ने में परेशानी होती है। कई बार तो इनके करण यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है।
चाय व पकोड़े बेचने वालों पर नहीं किसी का ध्यान
स्टेशन परिसर में 25 से अधिक रेहड़ियां लगी हुई है। जिन पर करीब 70 से 80 वेंडर कार्यरत है। पड़ताल की गई तो सात रुपये में बिकने वाली चाय को वेंडर अब दस रुपये में बेच रहे हैं। जिस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। ट्रेन में सफर करने वाले अधिकतर यात्री ट्रेन छूट जाने के डर से ट्रेन से उतरकर स्टेशन पर स्थानीय अधिकारियों को शिकायत करने के लिए नहीं आ पाते।
रेहड़ी वाले ही फैला रहे स्टेशन पर गंदगी
सीएमआई का तबादला होने के बाद रेहड़ी वाले स्टेशन परिसर में ही कूड़ा फैला रहे है। वेंडरों पर नजर रखने और इनके चालान के पावर टीटीई को दे दी गई है। टीटीई ने शुरुआत में तो एक दो बार चालान किए लेकिन उसके बाद से वे भी खामोश बैठे हैं। इतना ही नहीं कई वेंडर पूछताछ केंद्र में अनाउंसमेंट करते देखे गए।
अगर यात्रियों को वेंडरों के कारण ट्रेन में चढ़ने व उतरने में कोई परेशानी हो रही है तो वे आरपीएफ थाने में शिकायत दे सकते हैं। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।
संतोष चंद्रन, सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमीश्नर, दिल्ली।
जब कभी भी किसी भी यात्री ने वेंडर के खिलाफ शिकायत दी है उस पर कार्रवाई की गई है। मौके पर ही उनका चालान काटा गया है। लेकिन यह कार्य सीएमआई के अंडर आता है। जब तक पानीपत स्टेशन को अपना नया व स्थायी सीएमआई नहीं मिलता तब तक यह कार्य करना पड़ेगा।
धीरज कपूर, एसएस, रेलवे पानीपत।