अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने मंगलवार शाम गुरुद्वारा पहली पातशाही पहुंचे। उन्होंने अंदर जाकर बचाव कार्यों को देखा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस दौरान नगर सुधार मंडल के पूर्व चेयरमैन मुकेश टुटेजा और पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह बिल्लू साथ रहे।
प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि हादसा चिंताजनक और गंभीर है। सरकार ने मृतकों के आश्रितों, घायलों और चोटिल लोगों के लिए जो मुआवजा राशि घोषित की है, वह नाकाफी है। एक गंभीर घायल का इलाज दो लाख रुपये में संभव नहीं है। सरकार को मुआवजा राशि को बढ़ाना चाहिए। हालांकि, प्रदेशाध्यक्ष ने खुद के द्वारा किसी तरह की घोषणा करने के सवाल पर गुरुद्वारे में सेवा कार्य करने की कहकर टलने का प्रयास किया।
गुरुद्वारे में 1507 और 1515 में दो बार आए थे गुरु नानक देव
गुरुद्वारा पहली पातशाही में सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी दो बार 1507 और 1515 में आए थे। उन्होंने यहां पर बने कुएं पर दोनों बार पानी पीया था। इतिहासकारों के अनुसार गुरु साहिब पहली बार दिल्ली से होते हुए पानीपत पहुंचे थे। शेख शरफ के शिष्य टटहीरी के साथ गुरु ज्ञान चर्चा की थी। गुरु नानक देव ने शेख व टटहीरी के सवालों के जवाब देकर उनकी उनकी पूर्ण संतुष्टि की। बताया जा रहा है कि 1984 के दंगों में गुरद्वारे को आग के हवाले कर दिया था। उस वक्त तेज बारिश और ओले गिरे थे।
शहर का यातायात दूसरे दिन भी रहा प्रभावित
जीटी रोड की पानीपत-दिल्ली लेन को मंगलवार को दूसरे दिन भी बंद रखा। वाहनों को एलिवेेटेड हाईवे से गुजारा गया। अन्य वाहनों को लालबत्ती से यू-टर्न देकर असंध रोड बाईपास से सिवाह बाईपास से वापस लाकर जीटी रोड लाया गया। शहर के बाकी मार्गों का रास्ता भी बाधित रहा। जीटी रोड समेत शहर के ऑटो बंद कर दिए गए।