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Panipat News: शहरी विस के 14 और ग्रामीण विस के बनाए 12 वार्ड, बदल गए सभी के नाम और नक्शे

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पानीपत। नगर निगम ने निगम क्षेत्र की नई वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट तैयार तो कर लिया लेकिन इसे एडहॉक कमेटी के सदस्यों ने पहली नजर में ही नकार दिया है। परिवार पहचान पत्र के आधार पर तैयार की नई वार्डबंदी में 6.95 लाख जनसंख्या के आधार पर वार्डों की संख्या तो 26 ही रखी गई है। इनमें से शहरी और ग्रामीण विधानसभा के वार्डों को तो नई बांउड्री लाइन खींच कर अलग अलग कर दिया गया है लेकिन इससे मौजूदा वार्डों के नाम और नक्शे तक बदल गए हैं।
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ड्रॉफ्ट की गई नई वार्डबंदी में ग्रामीण विधानसभा में 14 और शहरी विधानसभा में 12 वार्ड बनाए गए हैं। नई वार्ड बंदी के तैयार नक्शे में वार्ड एक की शुरुआत बरसत रोड सेक्टर 13-17 की ओर से होती है और अंतिम चरण यानी 26 वार्ड भी टोल प्लाजा की ओर जाता है लेकिन वार्ड एक से लेकर 26 तक सभी के नाम और नक्शे बदल गए हैं। आबादी की बात करें तो करीब 40 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और 60 प्रतिशत आबादी शहरी विस में आएगी। ड्रॉफ्ट वार्डबंदी में बदले शहर के स्वरूप को देखते हुए एडहॉक कमेटी ने झटके से नकार दिया है। कमेटी सदस्यों ने कहा कि वे निगम की वार्डबंदी का खुद मंथन करेंगे। इसके बाद जो भी इसमें त्रुटियां होंगी उसको दुरुस्त कराया जाएगा। इसके बाद ही ड्रॉफ्ट को मान्यता के लिए सरकार के पास भेजा जाएगा। कमेटी सदस्यों की इस बात पर निगम अधिकारियों ने सहमति जताई। इसके बाद निगम के पूर्व पार्षद से लेकर नेता मंत्री महिपाल ढांडा और विधायक प्रमोद विज के पास पहुंचे। यहां पूर्व पार्षदों ने अपने अपने एरिया के वार्डों को अलग करवाने की अपील की। वहीं, निगम के अधिकारी भी वार्डबंदी का नया ड्रॉफ्ट लेकर मंत्री और विधायक से मिलने गए। वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने वार्डबंदी को लेकर भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए तंज कसे हैं। उनका कहना है कि गुपचुप वार्डबंदी करना प्रजातंत्र के हित में नहीं है।
गौरतलब है कि नई वार्डबंदी की प्रक्रिया तकरीबन एक साल से चल रही है। एक साल से ही निवर्तमान पार्षदों, मेयर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पहले लोकसभा चुनाव फिर विधानसभा चुनाव के चलते वार्डबंदी तैयार नहीं हो पाई। अब सरकार निकाय चुनाव करवाने के मूड में है। इसलिए निकाय क्षेत्रों से नई वार्डबंदी मांगी जा रही है। इस पर निगम आयुक्त का कहना है कि वे अगले सप्ताह की शुरुआत तक इसे फाइनल करवाने का काम करेंगे। इसे लेकर एडहॉक कमेटी की ये बैठक वीरवार को जिला सचिवालय में आयुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें निगम आयुक्त डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, उप निगम आयुक्त अरूण भार्गव, एटीपी दीपक राणा से लेकर एडहॉक कमेटी के सदस्य पूर्व पार्षद अशोक कटारिया, संजीव दहिया, सुनील सोनी, रामकुमार सैनी भी शामिल रहे।
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वर्जन:


निगम अधिकारियों ने एडहॉक कमेटी का ड्रॉफ्ट दिया था। इसे सभी सदस्यों ने सिरे से नकार दिया है। इस पर दोबारा मंथन होगा। इसके बाद वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट तैयार कराया जाएगा।

अशोक कटारिया, पूर्व पार्षद एवं सदस्य एडहॉक कमेटी।



वर्जन:
विपक्ष को भी नहीं पूछा : गुप्ता



घर बैठे शहर की नई वार्डबंदी तैयार की जा रही है। इसमें किसी विपक्षी दल को पूछा तक नहीं जा रहा। ये प्रजातंत्र के खिलाफ है। जबकि ऐसी स्थिति में विपक्ष को बुलाकर पूछना बनता था। अगर घर बैठे बिना किसी को पूछे या बताए खुद ही वार्डबंदी तैयार करनी है तो फिर चुनाव कराने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे ही पार्षदाें को मनोनीत कर लें।

धर्मपाल गुप्ता, कांग्रेस नेता।




वर्जन:
सौंपा ड्रॉफ्ट, अगले सप्ताह तक करेंगे प्रस्तावित : निगम



नई वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट एडहॉक कमेटी के सदस्यों को दिया गया है। अब वे उस पर मंथन करेंगे। इसके बाद जो भी नियमानुसार बदलाव की गुंजाइश होगी की जाएगी। कोशिश रहेगी कि सोमवार या मंगलवार तक इसे फाइनल कर प्रस्तावित कर दिया जाए।
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डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त, नगर निगम।
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