दो विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की हालत जर्जर, दोनों विधानसभाओं के विधायकों से गुहार लगा चुके हैं ग्रामीण, सुनवाई ना होने पर अब सीएम से लगाएंगे सड़क निर्माण की गुहार
इसराना । इसराना व पानीपत ग्रामीण विधान सभा को जोड़ने वाली नौल्था बुड़शाम सड़क मार्ग जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। नौल्था-बुड़शाम सड़क मार्ग का निर्माण करीब ढाई साल पहले शुरू किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मार्ग पर सरकार रोड़े डाल कर भूल गई। दोनों गांवों के ग्रामीण सड़क मार्ग को पक्का कराने के लिए एक विधान सभा के विधायक व दूसरे विधान सभा से विधायक बने कैबिनेट मंत्री के दरवाजे पर लगातार चक्कर काट रहे हैं। ग्रामीण सड़क निर्माण कराने की मांग को लेकर कई बार जिला उपायुक्त से भी मिल चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर सीएम से मिलेंगे। अगर सड़क निर्माण चालू नहीं कराया गया तो चुनाव के वक्त वोट मांगने आने वाले सत्ता पक्ष के नेताओं से जवाब मांगा जाएगा। नौल्था के ग्रामीण चंद्रसिंह जागलान, साहब सिंह, फूलसिंह, राममेहर, राजसिंह, महासिंह, दयासिंह, बुड़शाम के ग्रामीण बलबीर सिंह, धनपत सिंह, हरपाल सिंह, रामेहर सिंह व कृष्ण कुमार ने बताया कि नौल्था इसराना विधान सभा में व बुड़शाम पानीपत ग्रामीण विधान सभा में आते हैं। नौल्था में अनाज मंड़ी होने से बुड़शाम के किसानों को अपनी फसल लेकर नौल्था आना पड़ता है। नौल्था के लोगों को भी पड़ोस के गांव बुड़शाम में आना जाना पड़ता है। नौल्था बुड़शाम सड़क मार्ग कई साल से कंडम व जर्जर हालत में है। दोनों गांवों के ग्रामीणों की डिमांड पर सरकार ने उक्त मार्ग के निर्माण के लिए करीब दो साल पहले कार्य शुरू किया था। सरकार सड़क निर्माण के लिए मात्र रोड़े डाल कर भूल गई। पूरी तरह कंडम हालत में पहुंच चुकी गड्ढों में तबदील हो चुकी सड़क पर चलना हादसों को न्यौता देना है। ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए इसराना विधान सभा से कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार के अलावा पानीपत ग्रामीण से विधायक महीपाल ढांडा से भी मिल चुके हैं। हर बार आश्वासन मिलते है। ग्रामीण कई बार सड़क निर्माण की मांग को लेकर जिला उपायुक्त से भी मिल चुके हैं। जिला प्रशासन व निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा सुनवाई न किए जाने पर ग्रामीण सड़क निर्माण का मामला सीएम के दरबार में ले जाने का मन बनाया है। सीएम से मिल कर सड़क निर्माण की गुहार लगाई जाएगी। अगर सड़क निर्माण चालू नहीं कराया गया तो चुनाव के वक्त वोट मांगने आने वाले सत्ता पक्ष के नेताओं से जवाब मांगा जाएगा।