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रथयात्रा के दूसरे दिन भजन कीर्तन, आज करेंगे भगवान शहर का भ्रमण
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत भजन कीर्तन के साथ शुरू हुई। कार्यक्रम में गायन के लिए रविंद्र साक्षी महाराज पहुंचे। संगीतमय कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान के भजनों का आनंद उठाया।
शनिवार को आषाढ़ की दूज में शाम तीन बजे भगवान का भ्रमण जगन्नाथ मंदिर से शुरू होगा। भ्रमण शुरू होने से पहले 108 जोतों से भगवान की आरती उतारी जाएगी। दोपहर 12 बजे यात्रा को शुरू करने के लिए जुएं की बोली होगी। जो चार लोग सबसे महंगी बोली लगाएंगे उन्हें सबसे पहले जुएं को हाथ लगाने का सौभाग्य मिलेगा। बोली का पैसा मंदिर में दक्षिणा के रूप में अर्पण किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पंकज गोयल मौजूद रहे। इस अवसर पर सूरज पहलवान, हरीश चुघ, सुधीर जिंदल, वेद मित्तल, भूषण गुप्ता, कन्हैया गुप्ता, केबी कंसल, लालचंद तायल, प्रदीप तायल, अशोक कैलाशी, नरेंद्र गुप्ता, नरेश गंगवानी, कुलदीप गोयल, भगवान दास बंसल, योगेश गुप्ता, गोबिंद गोयल, नीरज कंसल, जयपाल कंसल, सुबोध गुप्ता, प्रेम गर्ग, सुरेंद्र कमल, रजनी, वेद मित्तल, ललित शर्मा, शशिकांत मितल, जयपाल, चौधरी प्रमोद गुप्ता, दिनेश मितल व राजेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।
कोलकाता से आए हुए फूलों से होगी रथ की सजावट
रथयात्रा की सजावट खास किस्म के फूलों से की जाएगी। ये फूल कोलकाता से स्पेशल यात्रा के लिए ही मंगवाए गए हैं। रथयात्रा में हरिद्वार, नोएडा व सोनीपत से झांकियां शामिल होंगी। साथ में रुड़की बैंड और समालखा बैंड भी शामिल होंगे।
रथयात्रा में लोगों के अनुभव
56 वर्षों से ले रहे हैं यात्रा में भाग
मैं लगातार 56 साल से रथयात्रा में भाग ले रहा हूं। 1984 में भी मैं यात्रा में शामिल हुआ था। हर वर्ष यात्रा के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
-कन्हैया लाल गुप्ता
50वीं रथयात्रा में भाग लेना सौभाग्य
इस साल लगातार 50वीं बार रथयात्रा में शामिल होऊंगा। यह उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। मैं हर साल इस दिन का इंतजार करता रहता हूं।
-दलीप गुप्ता
इस दिन बारिश होना तय : रविंद्र गुप्ता
मैं 40 साल से यात्रा का हिस्सा रहा हूं। अनुभव कहता है कि इस दिन चाहे एक बूंद बारिश आए , लेकिन बारिश आती है जरूर।
-रविंद्र गुप्ता
परंपराओं का निर्वहन कर्तव्य
भगवान जगन्नाथ यात्रा की शुरुआत उनके पूर्वजों ने की थी। बचपन से ही यात्रा के साथ जुड़ा हुआ हूं। यात्रा में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य ही नहीं, बल्कि उनका कर्तव्य है।
-जयपाल कंसल
अपनों से मिलने का मिलता है मौका
वर्तमान समय में लोग अपने कार्य में व्यस्त रहते हैं। लोगों को अपनों से मिलने का समय तक नहीं मिलता है। इस अवसा पर मैं अपनों से मिलकर बहुत खुशी का अनुभव करता हूं।
- दीपक गोयल
भगवान के साथ शहर का भ्रमण आनंदमय पल
मैं इन तीन दिनों में बहुत अच्छा अनुभव प्राप्त करता हूं। मोबाइल की दुनिया से निकलकर असली दुनिया का अनुभव करता हूं। मेरे लिए पांचवीं रथयात्रा होगी, जिसके लिए बहुत उत्सुक हूं।
-आकाश गोयल