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खरीद कर लाई नाबालिग से बार-बार बलात्कार करने के मुख्य दोषी को 10 साल की जेल, 65 हजार का जुर्माना

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खरीद कर लाई नाबालिग से बार-बार बलात्कार करने के मुख्य दोषी को 10 साल की जेल, 65 हजार का जुर्माना
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पानीपत। झारखंड से खरीद कर लाई हुई नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म करने के मुख्य दोषी को 10 साल की सजा, 65 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई। साथ ही नाबालिग को खरीदवाने वाले दूसरे दोषी को 10 साल की सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई। एडीजे शशि बाला चौहान ने मुख्य दोषी अनिल पुत्र ईश्वर सिंह निवासी गांव सींक मतलौडा व दूसरे दोषी ईदू पुत्र अली मोहम्मद निवासी बख्तावरपुर मुरथल सोनीपत को सजा सुनाई।
पुलिस को दिए बयान में मुख्य दोषी अनिल पुत्र ईश्वर निवासी सींक मतलौडा ने बताया था कि दोषी किसान है। उसने बताया कि नवंबर 2016 में वो अपनी बुआ के घर सोनीपत गया था। जहां मुरथल अड्डे पर चाय की दुकान में उसकी मुुलाकात माहेश्चर निवासी गोडा झारखंड से हुई। जिससे दोषी ने अपनी शादी के बारे में बात करनी शुरू की।जिस पर उसने कहा कि वो झारखंड से एक लड़की को उसे बेच देगा। दोनों वहां से लड़की खरीदने की बात 70 हजार रुपये में फाइनल कर चले गए। इसके 3 दिन बाद माहेश्चर ने फोन कर रुपये लेकर दूसरे दोषी ईदू निवासी मुरथल के घर पर बुलाया। जहां उन्होंने 70 हजार रुपये में नाबालिग को खरीद लिया। जिस दौरान तीनों ने नाबालिग को कहा कि वो दोषी अनिल के घर पर काम करेगी। जब उसके काम के 70 हजार रुपये पूरे हो जाएंगे, तब वो उसे उसके गांव भेज देंगे। अनिल नाबालिग को मतलौडा स्थित सींक अपने घर ले आया। जहां उसने नाबालिग से दो सप्ताह तक घर का सारा काम करवाया। इसके बाद उसने नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
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दूसरे दोषी ईदू ने बताया कि वो 3 बच्चों का पिता है। उसकी शादी झारखंड में हुई थी। उसने बताया था कि मुख्य दोषी अनिल की बुआ का घर उसके ही पड़ोस में था। जिस वजह से अनिल के साथ उसकी जान-पहचान हुई थी। दोनों दोस्त बन गए। जिस दौरान अनिल ने ईदू को उसकी भी शादी करवाने की बात कही थी। जिस पर ईदू ने अनिल की शादी झारखंड में करवाने की बात कही थी। इसी के चलते ईदू ने महेश्वर से बात की। महेश्वर ने अनिल को 70 हजार रुपये में लड़की को बेचा। रुपये मिलने के बाद महेश्वर ने ईदू को 5 हजार रुपये इनाम के तौर पर दिए थे।
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आईपीसी की धारा 370 ए (1) में मुख्य दोषी अनिल व ईदू को 6 साल की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 370 (4) में दोनों दोषियों को 10 साल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं 6 पॉक्सो में मुख्य दोषी अनिल को 10 साल की सजा, 25 हजार रुपये का जुुर्माना व जुुर्माना ना देने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा सुनाई।
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