गहमा-गहमी के बीच दो डॉक्टरों के बोर्ड में कराया शव का पोस्टमार्टम
- दहेज के लिए छह माह की गर्भवती की हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। एकता विहार कॉलोनी निवासी महिला की दहेज हत्या के बाद सोमवार को सिविल अस्पताल में गहमा-गहमी के बीच दो डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया। मायके पक्ष के लोगों ने डॉक्टर पर पोस्टमार्टम में देरी करने के आरोप लगाए। शव के अंतिम संस्कार को लेकर भी ससुराल पक्ष व मायके पक्ष के बीच कहासुनी हुई। गुस्साए मायके पक्ष ने पुलिस को कहा कि शव उठाने से पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष को शव देने से इनकार करते हुए शव को लेकर पिंजौर के लिए रवाना हो गए।
एकता विहार कॉलोनी निवासी राखी की रविवार सायं शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मायके पक्ष के लोगों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। पोस्टमार्टम के लिए दो डॉक्टरों का बोर्ड गठित हुआ, जिसमें डॉ. शिवांजली और डॉ. लीपिका बंसल को शामिल किया गया। परिजनों का आरोप है कि एक डॉक्टर पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचा। काफी देर तक डॉक्टर के ना आने के कारण गुस्साए परिजन सिविल सर्जन के पास पहुंचे और पोस्टमार्टम कराने की बात कही। जिस पर सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा व एमएस डॉ. आलोक जैन मौके पर पहुुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सिविल सर्जन के निर्देश पर दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द किया। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने परिजनों को बताया कि इमरजेंसी ड्यूटी के कारण डॉक्टर को आने में थोड़ी देरी हुई है। पोस्टमार्टम के दौरान ससुराल पक्ष के लोग भी मौजूद रहे।
एकता विहार कॉलोनी निवासी गर्भवती महिला की मौत के मामले में सोमवार को दो डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आगामी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
संदीप कुमार, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।