रोडवेज की आठों यूनियनों ने एक साथ शुरू की हड़ताल
डिपो में धरना देकर सरकार विरोधी नारेबाजी की
सुबह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बस चलाने का किया प्रयास
यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार के साथ की तीन बजे मीटिंग
फोटो-7 से 10
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज यूनियनों ने प्राइवेट बस परमिटों के विरोध में चक्का जाम कर दिया। आठ यूनियनों के एक साथ हड़ताल पर चलने जाने से पानीपत डिपो की एक भी बस नहीं चल सकी। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि, रोडवेज अधिकारियों ने 16 बसों के चलने का दावा किया है। कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के मांगें न मानने पर हड़ताल लंबी चलने की चेतावनी दी है।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार मंगलवार को हड़ताल पर चली गई। रोडवेज और पुलिस अधिकारियों ने अल सुबह बसों को डिपो से बाहर निकालने का प्रयास किया। इसका यूनियन नेताओं ने अधिकारियों पर धक्काशाही आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध किया। रोडवेज यूनियनों का विरोध देख अधिकारी पीछे हट गए। यूनियन नेताओं ने डिपो परिसर में ही धरना देकर सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। रोडवेज यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार प्राइवेट पॉलिसी को बातचीत से हल करें और हरियाणा में 10 हजार नई बसों को शामिल किया जाए। सरकार पर्दे के पीछे से प्राइवेट परमिटों को लागू करना चाहती है। यूनियन सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देगी। इस मौके पर प्रदेश कमेटी सदस्य राजपाल सिंह, सतीश पंवार, चिव चरण सिंह, दिलावर सिंह, धर्मपाल, अनिल कुंडु, रणबीर शर्मा, प्रदीप बांगड़, अशोक भूरा आदि मौजूद रहे।
बिन बस बेहाल रहे यात्री
रोडवेज का चक्का जाम होने से यात्री बेहाल रहे। चक्का जाम होने से पहले ही जो बसें डिपो से निकली हुई थीं। उन्हें छोड़कर सुबह के समय डिपो से कोई बस बाहर नहीं गई। डिपो इंस्पेक्टर कपूर चंद ने बताया कि रोडवेज डिपो की 134 बसों में से 122 बसें सोमवार को अपने रूटों पर निकल गई थीं। उसके बाद 106 बसें रात को डिपो में पहुंच गईं। शेष 16 बसें हिमाचल प्रदेश, यूपी, कटरा और राजस्थान जैसे लंबे रूट पर गई हुई थीं। वे देर रात तक या फिर बुधवार को डिपो में पहुंच जाएंगी। पानीपत रोडवेज को बसों का पहिया जाम होने से लगभग 12 लाख का नुकसान हुआ है। सोमवार को चार बजे के बाद बसें बंद हो गई थीं।
यूनियन की हड़ताल के चलते बसों को चलाया नहीं जा सका है। कल के लिए कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। सरकार की तरफ से कोई लिखित आदेश नहीं आया है। उच्च अधिकारियों के आदेश के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
अश्वनी कुमार डोगरा, जीएम, रोडवेज डिपो, पानीपत।