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-दो साल से बसों की कमी झेल रहा है पानीपत डिपो

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रोडवेज बसों के लिए पास किया टेंडर, डिपो में नहीं पहुंची एक भी बस
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2015 के बाद अब तक नहीं मिली डिपो को एक भी बस
-पानीपत डिपो में 134 बसें, जिनमें करीब 12 बसें रहती है वर्कशाप में
फोटो-4
अनुज शर्मा
पानीपत। रोडवेज बसों के लिए टेंडर तो पास हो गए, लेकिन अब तक रोडवेज डिपो में एक भी नई बस नहीं पहुंच पाई। जिसके चलते डिपो दो साल से बसों की कमी झेल रहा है। 2015 में 42 बसों की मांग की गई थी। लेकिन रोडवेज डिपो पानीपत को 42 की जगह 16 बसें ही मिल पाई। डिपो में अब भी 26 बसों की कमी खल रही है। जिस कारण से लोकल रूटों पर बसों की संख्या कम कर दी गई हैं। वहीं दूसरी और ग्रामीण इलाकों के लोग प्राइवेट बसों व अन्य वाहनों के सहारे चल रहे है। रोडवेज बस न मिलने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। अधिकारी इन सबको लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
पानीपत रोडवेज डिपो प्रदेश भर के रोडवेज डिपो में मुख्य स्थान रखता है। यहां पर यूपी या हरिद्वार जाने वाली बसों को यू-टर्न मिलता है। वहीं सावन के मेले का दबाव भी पानीपत को उठाना पड़ता है। यहां से प्रदेशभर के कांवड़िया हरिद्वार जाते हैं। फिर भी डिपो में पर्याप्त बस नहीं हैं। जिसका खामियाजा लोकल रूटों के लोगों को भुगतना पड़ता है। जिले में कई गांवों में सरकारी बसों की कोई सुविधा नहीं है। रोडवेज में बसों की कमी है। उन्होंने बताया कि पानीपत डिपो के लिए कम से कम 160 बसें चाहिए। अगर डिपो के पास 160 बसों की संख्या हो जो सभी सड़कों पर चलती हो तो जिले के सब गांवों में रोडवेज बसे चलेंगी। लेकिन आज तक बसों की संख्या160 नहीं हो पाई है।
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2015 के बाद नहीं मिली एक भी बस
रोडवेज कर्मचारियों ने बताया कि 2015 में 42 बसों की मांग की गई थी। लेकिन डिपो को 16 बसें ही मिली थी। रोडवेज डिपो पानीपत को 26 बसें कम दी गई। जिस कारण अधिकतर रूट रोडवेज बसों के बिना ही सूने पड़े हैं। वहीं जिन रूटों पर बस चलाई जा रही है। उन रूटों पर सिर्फ बस दो चक्कर एक आने का दूसरा जाने का लगाती है।

2008 में आई सात बसों में से पांच कंडम
2008 में रोडवेज डिपो को कुल सात बसें मिली थी। जिनमें आज के समय पांच बसें पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। वहीं दो बची बसों को लोकल रूटों पर ही चलाया जा रहा है। लेकिन दोनों बसे दिन में महज दो ही चक्कर लगाने में सीमित कर दी है। वर्कशाप के अधिकारियों का कहना है कि जो बसें 2008 में आई थी। उनकी हालात अधिक तेजी व अधिक समय तक चलाने में नहीं बची हुई है। अगर इन्हें ज्यादा दौड़ाया गया तो जानमाल की हानी हो सकती है। इस कारण से इन्हें दिन में दो ही चक्कर लगा कर डिपो में खड़ा कर दिया जाता है।

पानीपत डिपो में 134 बसें, 10-12 बसें वर्कशाप में
पानीपत डिपो में कुल 134 बसें हैं। जिनमें से 10 से12 बसें वर्कशॉप में सर्विस को लेकर खड़ी रहती है। जिस कारण सड़कों पर पानीपत डिपो की औसतन 122 बसे दौड़ पाती है। जिनमें से 16 बसें सीएनजी की होने के कारण लोकल रूटों की बजाय गुड़गांव व फरीदाबाद में छोड़ रखी है।
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किस वर्ष कितनी बसे आई
वर्ष बसें आई
2008 07
2009 11
2010 13
2011 21
2012 08
2013 27
2014 31
2015 16
2016 -
2017 -
कुलबस 134
आंकड़े रोड़वेज डिपो पानीपत से लिए गए है।
वर्जन
अपैल 2016 में 30 बसों का टेंडर पास हुआ था। लेकिन अब तक टेंडर में पास हुई बसों में से एक भी बस पानीपत डिपो को नहीं मिली है। नजदीक भविष्य में भी बस मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। अगर बसों की संख्या 160 हो जाएं तो ग्रामीण रूटों पर भी बसें चल सकेंगी।
मेहताब सिंह खर्ब, जीएम, रोडवेज डिपो, पानीपत।
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