संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। औद्योगिक नगरी में इस साल जून से अब तक चार महीने में डायरिया से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 9 बच्चे और एक महिला और दो युवक शामिल हैं। वहीं जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को डायरिया लक्षण संबंधित सात नए मरीज मिले है। उन्हें आपातकालीन विभाग में दाखिल किया गया है। इसके अलावा शहर की देशराज कॉलोनी, राजनगर, बतरा कॉलोनी व खटीक बस्ती से लिए पानी के 33 नमूनों की रिपोर्ट में क्लोरीन की मात्रा कम मिली है। प्रशासन ने रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग को क्लोरीन की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शहर के साथ आसपास की कॉलोनियों के साथ गांवों में डायरिया के मामले लगातार आ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को संदिग्ध मरीजों की जांच की गई तो सात मरीज डायरिया से ग्रस्त मिले। इनको जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में दाखिल किया है। इसके साथ विभाग की टीमों ने देशराज कॉलोनी, बाबरपुर मंडी, बतरा कॉलोनी व मॉडल टाउन में पानी के 35 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इसके अलावा कॉलोनियों व गांवों में हैलोजन व जिंक की गोली के साथ ओआरएस के पैकेट भी दिए गए। शहर की कॉलोनियों में दाे दिन पहले ली गई पानी के 33 नमूनों की रिपोर्ट शुक्रवार को आ गई। इनमें क्लोरीन की मात्रा कुछ कम मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को क्लोरीन की मात्रा बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है।
अब तक डायरिया से हुई मौत के आंकड़े
21 जून को बिंझौल में एक साल के बच्चे और 27 जून को विकास नगर से दो साल का बच्चा और रसलापुर से 18 वर्षीय मोमिना की डायरिया से मौत हुई। 30 अगस्त को बाबरपुर में ढाई साल के अर्नव और 31 अगस्त को महावीर कॉलोनी तीन साल रानिश व सैनी कॉलोनी तीन साल की वंश की मौत हुई। सात सितंबर को देशराज कॉलोनी दो साल का तरुण, इसी काॅलोनी में आठ सितंबर को रेखा व उनके बेटे आकाश (5) की मौत हो गई। नौ सितंबर को खलीला गांव के ईंट भट्ठे पर मोहित और 10 सितंबर को गंगापुरी रोड पर अष्टदेव की मौत हुई। वीरवार को बाबरपुर मंडी में उल्टी दस्त से नौ साल के नीरज की मौत हो गई।
उल्टी दस्त से मृत एक बच्चे समेत तीन लोगों की विसरा रिपोर्ट नहीं मिली है। इसमें मौत के असल कारणों का पता चलेगा। सात मरीजों का आपातकालीन विभाग में इलाज किया जा रहा है। क्लोरिन की मात्रा कम मिलने पर नगर निगम और जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।