पानीपत। मच्छरों का कहर जिले में हर साल बढ़ता ही जा रहा है। साल दर साल डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है। डेंगू के डंक के सामने हर साल स्वास्थ्य विभाग के बंदोबस्त अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2019 में डेंगू के केस 26 मिले थे। जबकि 2024 में यह लगभग 13 गुना बढ़कर 351 पहुंच गए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन सभी की जान बचाने में कामयाब रहा। डेंगू से जिले में आखिरी मौत 2018 में हुई थी।
इस साल अब तक 375459 लाख घरों की जांच की गई है। 300 घरों में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 19467 कूलर की जांच की गई। 20 कूलर में लार्वा मिला। 175053 टंकी जांची गई। 57 टंकियों में लार्वा मिला। 86493 हौदियों की जांच की गई। इनमें 31 में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 369584 कंटेनर जांचे गए 185 में लार्वा मिला। घरों के बाहर 3850 जगहों पर जांच की गई यहां दो जगह लार्वा मिला। 121815 फ्रिज की जांच की गई। इनमें आठ में डेंगू का लार्वा मिला। अब तक 957 कबाड़ी की दुकान में लार्वा जांचा गया, लेकिन यहां लार्वा नहीं मिला। विभाग ने अब तक 300 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया है।
लक्षण:-
तेज सिर दर्द, बुखार होना। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द। आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मिचलाना और उल्टी होना, मरीज के शरीर पर लाल रंग के छोटे-छोटे चकत्ते नजर आना।
उपचार व बचाव के तरीके
- मच्छरदानी का प्रयोग करें
- पानी से भरे बर्तनों को ढककर रखें।
-पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
- बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल ले सकते हैं।
साल- केस
2019- 26
2020- 232
2021- 287
2022- 296
2023- 351
कुल- 1192
वर्जन :
डेंगू को लेकर लगातार जागरूक अभियान चलाया जा रहा है। प्राइवेट अस्पतालों को भी अपनी रिपोर्ट साझा करने की कही जाती है। उनके जांच के रेट भी तय किए गए हैं। लोगों को जागरूक होकर आगे आना होगा। हम तभी डेंगू को हरा सकते हैं।
डॉ. जयंत आहूजा, जिला सिविल सर्जन पानीपत।