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पहले बिल निकलवाओ, उसे ठीक करवाने के लिए दो दिन लाइन में लगो, अगले दिन बिल जमा कराने के लिए लाइन में लगो : यह बना बिजली निगम में

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पहले बिल निकलवाओ, उसे ठीक करवाने के लिए दो दिन लाइन में लगो, अगले दिन बिल जमा कराने के लिए लाइन में लगो : यह बना बिजली निगम में बिल भरने का रूटिन, बिल भरने के लिए चार दिन की लेनी पड़ती है छुट्टी
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पानीपत। बिजली निगम में रोजाना सैकड़ों शिकायत गलत बिल आने की आती रहती है। गत दिनों हुए बिजली निगम के खुले दरबार में भी 70% समस्याएं गलत बिलों से संबंधित थी। रोजाना ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिनमें किसी का बिल आमतौर पर 500 से 1000 तक आता था वहीं बिल अब लाखों रुपये का आ रहा है। जिस को ठीक करवाने के लिए उपभोक्ता को बिजली निगम के धक्के खाने पड़ते हैं। गलत बिल आने के पीछे निगम अधिकारी रीडिंग लेने वाली निजी कंपनी बीसीआईटीएस को जिम्मेदार ठहराते हैं। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस कंपनी के कर्मचारी ठीक से कार्य नहीं कर रहे, जिस कारण लोग गलत बिलों की समस्या से परेशान हो रहे हैं। निजी कंपनी के पास प्रशिक्षु कर्मचारी काम कर रहे हैं। वहीं निजी कंपनी का इससे अलग जवाब है, वो गलत बिल चढ़ाए जाने का कारण एमसीओ ना चढ़ाए जाने को ही बताया है।
किला सबडिवीजन पर आ रही सबसे अधिक समस्याएं :
गलत बिलों की समस्याएं किला सबडिवीजन पर सबसे अधिक आ रही है। बाकी जगहों पर समस्या अब कम ही रह गई है। जिस कारण सोमवार को भी लोगों ने बिजली निगम में प्रदर्शन किया। लोगों ने निगम के कर्मचारियों से नाराजगी जताई। बिजली निगम का पहले वाला ही रूटिन ठीक था। इस मौके पर रामकिशन, बिमला, अजय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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जिस की गलती है उस पर की जाए कार्रवाई हमें क्यों परेशान किया जाता है :
गलत बिलों के बारे में कुछ उपभोक्ताओं से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बिजली निगम रीडिंग लेने वाले की गलती ठहराते हैं, रीडिंग लेने वाले बिजली निगम की गलती बताते हैं जिनके बीच में आम आदमी धक्के खाने पर मजबूर है।
चार दिन की छुट्टी लेकर भरना पड़ता है बिल :
उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली निगम का रूटिन बिलकुल बदल गया है। घरों में बिल नहीं पहुंच रहे जिस कारण लोगों को एक दिन तक बिल निकलवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है, अगर गलत बिल मिले तो उसे ठीक कराने में कम से कम दो दिन लग जाते हैं। फिर एक दिन बिल भरने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। जिस कारण बिल भरने के लिए कम से कम चार दिन का समय लगता है। लोगों ने कहा कि आजकल बिजली निगम का यहीं रूटिन हो गया है।
ऑनलाइन हो बिल : दर्शन लाल शर्मा
दर्शन लाल शर्मा ने कहा कि उनके घर बिल नहीं आ रहे, जिस कारण उन्हें निगम में आकर बिल भरने पड़ते हैं। ऑनलाइन बिल आने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। अनपढ़ लोग ऑनलाइन बिल भरना भी नहीं जानते, इसलिए ऑफलाइन ही ठीक था। वहीं वह बिल ठीक कराने के लिए 20 चक्कर काट चुका है, उनकी रीडिंग 2600 दे रखी है।
रीडिंग लेने कोई नहीं आता कोई : शुभम
उपभोक्ता शुभम ने कहा कि उनके घर रीडिंग लेने के लिए कोई नहीं जाता जिस कारण उनको बहते अधिक समस्या हो रही है। उनके घर कोई बिल भी नहीं पहुंचता। जब बिल लेने आए तो गलत बिल मिलता है। उनका बिल 14 हजार दे रखा है, जबकि वह पहले नो हजार भर चुका है। हर बार ठीक करने का आश्वासन दे दिया जाता है।
पहले से है सुधार, नए साल में हो जाएगा समस्या का समाधान : पंकज
इस बारे में जब बीसीआईटीएस कंपनी के अधिकारी पंकज से बात की गई तो उसने कहा कि लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान हो जाएगा। सनौली, मॉडल टाउन व सबअर्बन सबडिवीजन में समस्या का सुधार हुआ है। वेंडर के लिए निगम की तरफ से अभी मैनेजमेंट चार्ट नहीं मिला है। एक जनवरी तक वो फाइनल हो जाएगा, जिसके बाद सभी के बिल भी समय पर पहुंचने लगेंगे। निगम अपनी गलतियां छुपाने के लिए निजी कंपनी पर आरोप लगा रहा है और लोग भी उन्हें गलत समझते हैं। निगम द्वारा मीटर चेंज करने के बाद अपने रिकॉर्ड में एमसीओ नहीं चढ़ाई जाती और ना ही उनको दिया मीटर चेंज के बारे में कोई रिकार्ड दिया जाता है। एम सी ओ यानी मीटर चेंज आर्डर। जिस कारण बिजली के बिल गलत आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी का मीटर 5000 रीडिंग के बाद बदला जाता है व उसकी एमसीओ रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाई जाती तो नए मीटर की 200 रीडिंग 95 हजार 199 रीडिंग के बराबर कैलकुलेट की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अगर एमसीओ रजिस्टर में नहीं चढ़ाया जाता तो बिल बनाते समय पिछला डाटा ज्यों का त्यों रखके उससे आगे की सभी यूनिटें कैलकुलेट कर ली जाती है। जैसे किसी का मीटर 5000 यूनिट पर रुका था तो एमसीओ ना चढ़े होने के कारण नए मीटर की रीडिंग 5000 से आगे कैलकुलेट की जाएंगी। जिसमें मीटर संख्या का 1 राउंड(99999) पूरा मानकर नए मीटर की नई रीडिंग उसमे जोड़ दी जाती हैं। जो सभी कैलकुलेट की जाती हैं। जिस वजह से लोगों के बिल लाखों रुपए के आते हैं। उन्होंने बताया कि किला क्षेत्र में कुछ सुधार तो हुआ है, लेकिन अब भी दिक्कत आ रही है। ज्यादातर दिक्कत ऑनलाइन मीटर में आ रही है। जिनकी एमसीओ पेंडिंग रहती है जब तक वह पूरी नहीं होगी बिल इसी तरह गलत आते रहेंगे। वहीं साथ में पंकज ने कहा कि किला को छोड़कर बाकि जगह बिल ठीक आ रहे हैं फिर भी उनकी पेमेंट का 20 प्रतिशत काट लिया जा रहा है। जोकि उनके साथ निगम द्वारा गलत किया जा रहा है।
प्रति मीटर 7 रुपये रीडिंग लेने के व डेढ़ रुपये बिल वितरित करने के हिसाब से कंपनी के साथ हुआ है करार :
बिजली निगम व निजी कंपनी के बीच मीटर रीडिंग लेने व बिल वितरित करने के लिए करार हुआ है। जिसमें गलत रीडिंग आने पर निगम द्वारा कंपनी की 20% पेमेंट काट ली जाती है। बिजली निगम को मीटर रीडिंग लेने का प्रति मीटर 7 के हिसाब से कंपनी को अदा करना पड़ता है। बिल वितरित करने का प्रति उपभोक्ता डेढ़ रुपए के हिसाब से निगम निजी कंपनी को पेमेंट देता है। यानी 2 माह के 24 लाख 64000 रुपए निगम को देने होते हैं जिसमें से 20% काटने पर यह राशि 19 लाख के लगभग रह जाती है। बीसीआईटीएस कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह पेमेंट बेवजह काटी जाती है। उनके पास 74 कर्मचारी काम करते हैं जो पूरी मेहनत से कार्य कर रहे हैं।
ऑनलाइन बिल को खत्म करवाकर घर घर बिल पहुंचाने की ही करेंगे मांग : एसडीओ
एसडीओ ललित अत्री ने कहा कि लोगों को बिल से संबंधित समस्याएं आ रही है इसमें कोई दोराय नहीं है। निगम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयाश कर रहा है। बहुत से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है व लोगों को ऑनलाइन बिल भरने में दिक्कतें आ रही है। इसके लिए उच्चअधिकारियों से मांग की जाएगी कि घर घर बिल फिर से बांटे जाए।
रीडिंग लेने वाली कंपनी के खिलाफ उठाया जाएगा कड़ा कदम : एसईएसई
पीके गोयल ने कहा कि बीसीआईटीएस कंपनी पर बड़ा कदम उठाने की तैयारियां है। लोगों को आ रही समस्याओं को ध्यान में रखकर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इनके खिलाफ कुछ न कुछ कड़ा ही कदम उठाया जाएगा।
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