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तीन दिन और बढ़ी हड़ताल, आरटीए के माध्यम से टेस्ट लेकर नए चालकों को सौंपी बस, 20 अतिरिक्त एसपीओ बने परिचालक

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आरटीए के माध्यम से टेस्ट लेेकर नए चालकों को सौंपी बस, 20 अतिरिक्त एसपीओ बने परिचालक
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- बेहतरीन काम कर रहे एसपीओ, जीएम ने 20 नए एसपीओ की मांग की
- सुबह से शाम तक डिपो पर लगी रही आवेदकों की भीड़
- रोडवेज हड़ताल के पक्ष में बिजली निगम के 343 कर्मचारी रहे स्ट्राइक पर
फोटो सं या :-14 व 15
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
हरियाणा राज्य परिवहन की हड़ताल को लगातार सात दिन हो चुके हैं, जिस कारण आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को सुविधा देने के लिए विभाग के अधिकारी अलग अलग प्रयोग करके देख रहे है। प्रशासन ने पहले तो लोगों को सुविधा देने के लिए निजी बसों को किलोमीटर स्कीम पर हायर किया। अब स्कूल कॉलेज खुल जाने के बाद उन बसों ने सुविधा देनी बंद कर दी, जिसके बाद प्रशासन ने चालकों की कमी के चलते आरटीए के माध्यम से चालकों को विभागीय बसें सौंप दी। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने सोमवार सुबह उनका टेस्ट लिया व लोकल रूटों पर भेज दिया। जिससे लोकल रूट पर यात्रियों को सुविधा मिली। वहीं दोपहर के समय में टिकटें खत्म हो जाने के कारण कुछ समय तक संचालन भी रुक गया था। इसके अलावा परिचालक के रुप में तैनात एसपीओ के अच्छे काम को देखते हुए जीएम ने 20 नए एसपीओ जिला प्रशासन से मांगे हैं। वहीं नए चालक व परिचालकों के लिए आए आवेदकों की लंबी लाइन लगी रही। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल में अन्य विभागों के कर्मचारी भी आ गए। बिजली, पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य, छात्र एकता मंच सहित अन्य कई विभागों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल की।
आरटीए द्वारा भेजे गए 52 चालकों का लिया टेस्ट, 36 पास
विभाग की मांग पर आरटीए ने 52 हैवी लाइसेंस वाले चालकों की लिस्ट भेजी थी। जिन सभी से सेक्टर 13 व 17 की सड़कों पर बस चलवाकर देखी गई और फिर उनमें से 36 लोगों को पास किया गया। टेस्ट लेने सुबह 5 बजे ही शुरू कर दिए थे। जिसके बाद उनमें से कुछ को लोकल रूट पर तो किसी को रोहतक, सोनीपत व जींद भेजा गया।
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टिकट काटने में एक्सपर्ट हुए एसपीओ
परिचालक बने सभी एसपीओ को एक घंटे की ट्रेनिंग के बाद टिकट काटने के लिए भेज दिया गया था। नया काम करने में किसी को भी दिक्कत आ सकती है, इसी प्रकार एसपीओ को शुरुआत में तो छोटी मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब सभी एसपीओ विभाग के कार्य को अच्छे से समझ गये हैं। एसपीओ धमेंद्र सिंह ने कहा कि सभी एसपीओ इस काम को अपनी जिम्मेदारी समझकर कर रहे हैं। इसके अलावा जीएम ने भी एसपीओ के काम से खुश होकर प्रशासन से 20 नए एसपीओ हायर किये हैं। अब एसपीओ की सं या 73 हो गयी है।
सुबह से शाम तक चालक व परिचालक पद पर आते रहे आवेदन :
विभाग द्वारा हड़ताल के दौरान नए चालकों व परिचालकों की भर्ती निकाली गयी है, जिन्हें कच्चे तौर पर ही रखा जाएगा। बेरोजगारी के चलते पानीपत डिपो में जहां पहले दिन 800 आवेदन आए थे अब यह आंकड़ा 2150 पर पहुंच गया है। जिसमें 1550 परिचालकों व 600 चालकों के आवेदन आए हैं। सोमवार को परिचालक के लिए 1050 व चालकों के लिए 300 आवेदन आए हैं।
अलग अलग विभागों ने किया हड़ताल को समर्थन :
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के पक्ष में अलग अलग संगठन आ गये हैं। सोमवार को महासंघ के सभी कर्मचारियों ने रोडवेज हड़ताल के समर्थन में हड़ताल रखी। बिजली निगम के 70 प्रतिशत पक्के कर्मचारियों ने भी रोडवेज के पक्ष में अपने अपने डिपार्टमेंट में हड़ताल की। बिजली निगम में 532 पक्के कर्मचारियों में से 319 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं 269 कच्चे कर्मचारियों में से 24 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
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दोपहर में खत्म हुई टिकटें
पानीपत डिपो में दोपहर को टिकटों की कमी पड़ गयी। जिस कारण दोपहर दो घंटे तक कईं एसपीओ टिकट ना मिलने के कारण इंतजार करते रहे। जिस कारण बसे संचालित करने में भी थोड़ा विलंभ रहा। दोपहर बाद जीएम द्वारा नई टिकटें मंगवाई गयी। हड़ताल पर ज्यादा कर्मचारी होने के कारण डिपो में दो दिन से टिकट नहीं आई थी।
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