सांस की बीमारी से पीड़ित नवजात को किया रेफर, एंबुलेंस में नहीं मिली ऑक्सीजन
परिजन करीब आधे घंटे तक इधर-उधर भटकते रहे, शिकायत को तो दी गई सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा न होने के कारण दो नवजात की जान पर बन गई। दोनों नवजात को सांस की बीमारी के चलते खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होने के कारण दोनों को लेकर परिजन करीब आधे घंटे तक इधर-उधर भटकते रहे। इसके कुछ देर बाद ऑक्सीजन न होने की शिकायत परिजनों ने एसएनसीयू वार्ड में जाकर डॉक्टरों से की। डॉक्टरों ने वार्ड से फोन पर एंबुलेंस कक्ष में बातचीत की और परिजनों की समस्या के बारे में अवगत करवाया। इसके बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नवजात को दी गई।
नांगलखेड़ी निवासी अमजद ने बताया कि दो दिन पहले उसकी यहां पर दूसरी बेटी ने जन्म लिया था। जो जन्म लेने के बाद रोई नहीं थी। इसे डॉक्टरों को दिखाने के बाद पता लगा कि बच्ची को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके बाद वे अपने बच्ची को लेकर सिविल अस्पताल में शुक्रवार को आए थे। लेकिन शनिवार तक बच्ची के स्वास्थ्य में कोई इम्प्रूवमेंट नहीं हो रही थी। जिस कारण डॉक्टर ने बच्ची को खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया। लेकिन एंबुलेंस लेने के बाद पता लगा उसमें ऑक्सीजन ही नहीं और ना ही कोई डॉक्टर जो खानपुर तक उन्हें छोड़कर आ सके। शिकायत करने के बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन के सिलेंडर रखे गए।
10 में से दो ही एंबुलेंस अत्याधुनिक सुविधाओं से लेंस
स्वास्थ्य विभाग के पास 14 एंबुलेंस है। इनमें से चार एंबुलेंस कंडम हो चुकी है। 10 में से मात्र दो एंबुलेंस में ही अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। बाकी एंबुलेंस की हालत काफी खराब है। इसलिए अधिकतर मरीज रोहतक व खानपुर मेडिकल कॉलेज निजी एंबुलेंस से जाते हैं।
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दो एंबुलेंस ही आधुनिक सुविधाओं से लैस है। एंबुलेंस की काफी कमी है। धीरे धीरे आधुनिक सुविधाओं को एंबुलेंस में देने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. आलोक जैन, एमएस