वार्डबंदी के दौरान नदारद रहने वाले 32 बीएलओ के खिलाफ पत्र
- वार्डबंदी में मतदाताओं की गड़बड़ी को लेकर उपायुक्त से मिले थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। वार्डबंदी को लेकर मतदाता सूची में गड़बड़ियों की छानबीन आखिरी दौर में है। 32 बीएलओ के न आने के कारण नगर निगम का कार्य प्रभावित हो रहा है। नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी ने उपायुक्त को पत्र लिख कर इनकी अनुपस्थित रहने की जानकारी दी है।
पांच दिन के भीतर नगर निगम को 100 से अधिक शिकायत मिली है। इसकी जांच चल रही है। आने वाली शिकायत के आधार पर नगर निगम के अधिकारी और बूथ अधिकारी की मौके रिपोर्ट लेकर जांच की जा रही है। आने वाले शिकायतों में 50 प्रतिशत मामलों में गड़बड़ी है। जिसे ठीक किया जा रहा है। अधिकारी की मानें तो निगम को मिलने वाली शिकायत पर काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ ही कुछ मामलों में अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उसका कारण है कि बीएलओ का ना होना है।
चुनाव लड़ने वालों को ज्यादा है परेशानी : नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो शिकायत करने वालों में निवर्तमान पार्षद या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिक हैं। आम आदमी को क्या लेना है कि उसका वोट किस बूथ पर पड़ेगा। वार्डबंदी के बाद जिन ब्लाकों को दूसरे वार्ड में जोड़ा गया, उसमें वोट डालने का अधिकारी नहीं जुड़ पाया है। जिसे ठीक किया जा रहा है।
उपायुक्त के आदेश पर चल रही है जांच : वार्डबंदी के मतदाताओं के क्षेत्र में हुई गड़बड़ी को लेकर भाजपा अध्यक्ष प्रमोद विज व अन्य निवर्तमान पार्षदों ने उपायुक्त सुमेधा कटारिया से मुलाकात की है। जिनकी शिकायत के बाद उन्होंने नगर निगम को इसे दो बारा से ठीक करने का आदेश दिया है।
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वार्डबंदी के दौरान मतदाताओं के क्षेत्र की गड़बड़ियों की शिकायत पर उसे ठीक करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अलग-अलग 26 वार्ड से आने वाली शिकायत को जांच कर बीएलओ की रिपोर्ट पर ठीक किया जा रहा है। अनुपस्थित रहने वाले बीएलओ के बारे में उपायुक्त को पत्र लिखा जा चुका है।
अरुण भार्गव, कार्यकारी अधिकारी , नगर निगम पानीपत।