आज होगी शहर की सरकार की पहली बैठक, पहले की तरह इस बार भी डेयरी शिफ्टिंग, गंदगी, गंदे पानी की निकासी व सड़कें होगी मुद्दा
पानीपत। शहर की नई सरकार शुक्रवार को अपनी पहली बैठक करेगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर अवनीत कौर करेगी और बैठक में सभी 26 पार्षद मौजूद रहेंगे। बैठक में सभी पार्षद अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं की लिस्ट मेयर अवनीत कौर को सौंपेंगे। इसके बाद मेयर अवनीत कौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ मीटिंग करेंगी और शहर की सफाई व्यवस्था पर दिशा निर्देश देंगी। सदन की पहली मीटिंग में डेयरी शिफ्टिंग, शहर में लगे गंदगी के ढेर, कॉलोनियों में गंदे पानी की निकासी की सुविधा व सेक्टर की सड़कें बड़ा मुद्दा रहेगी। 2013 में भी शहर की सरकार की पहली मीटिंग में ये मुख्य मुद्दे रहे थे, लेकिन शहर को उस सरकार से नाराजगी ही हाथ लगी। इस बार मेयर अवनीत कौर ने शहर को डेयरी शिफ्ट करने, शहर को स्वच्छ बनाने व गंदे पानी की निकासी कराने का दावा किया है। शहर की 90 अवैध कॉलोनियों को हाल में सरकार ने वैध किया है। अब भी शहर में 60 ये अधिक कॉलोनियां अवैध है। इन कॉलोनियों में गंदे पानी की निकासी ना होना बड़ी समस्या है। इन कॉलोनियों से गंदगी के कारण मलेरिया व गंदगी से संबंधित बीमारियों के मामले सामने आते हैं। सुविधाओं के लिए लोग आए दिन सड़कों पर उतरते हैं। नूरवाला की जसबीर कॉलोनी, विद्यानंद कॉलोनी, अशोक विहार कॉलोनी, डब कॉलोनी, बलजीत नगर, भारत नगर, कुलदीप नगर, गोपाल कॉलोनी, बतरा कॉलोनी, सैनी मोहल्ला, जसबीर कॉलोनी, देशराज कॉलोनी समेत लगभग 140 कॉलोनी ऐसी है जहां गंदे पानी की निकासी की सुविधा नहीं है। लोगों को इन परेशानियों के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नूरवाला क्षेत्र में गंदे पानी की निकासी ना होना बड़ी परेशानी है। यहां की जसबीर कॉलोनी के लोग 5 साल से गंदगी से जूझ रहे हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के पास गलियों में कई कई फीट पानी जमा रहता है। इसी से परेशान होकर स्कूल संचालक कई बार कई कई दिनों की स्कूलों की छुट्टी भी कर देते हैं। क्योंकि बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है।
नूरवाला क्षेत्र में पिछले 6 माह में गंदे पानी से भरे गड्ढों में गिरकर दो बच्चों की मौत भी हो चुकी है। दोनों बच्चे दो साल के थे। यहां के लोग गंदे पानी की निकासी की समस्या के समाधान के लिए संघर्ष करते आए हैं, लेकिन आज तक इनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अब लोगों को शहर की इस नई सरकार से उम्मीद है।
सरकार ने 2012 में शहर से बाहर डेयरी शिफ्ट कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए सरकार ने बिंझौल गांव में 70 एकड़ भूमि डेयरी संचालकों को दी थी। लेकिन प्रशासन शहर से बाहर डेयरी शिफ्ट कराने में कामयाब नहीं हो पाया। वहां पर सिर्फ 40 डेयरी ही चल रही है। शहर के अंदर अब भी 150 डेयरी चल रही है। इसी कारण शहर के सीवर गोबर के कारण जाम रहते हैं। कॉलोनियों में बीमारियां फैलने का भय बना रहता है। आए दिन कॉलोनियों से गंदगी के शिकायतें आती है। कॉलोनियों के लोग डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट कराने की मांग करते रहते हैं।
शहर की बाहरी कॉलोनियों में गलियां आज भी कच्ची है। जिस कारण लोगों का वहां से गुजरना बहुत मुश्किल होता है। सेक्टर 25 व सेक्टर 29 की सड़कों की हालत कई साल से खस्ता है। औद्योगिक सेक्टरों में सड़कें सही ना होने के कारण लोगों को व्यापार करने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई साल से उद्योगपति सड़कें बनाने की मांग को लेकर नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं। पानीपत में 30 हजार उद्योग है, पानीपत में 10 हजार करोड़ रुपए टैक्स के रूप में सरकार को देता है, लेकिन सरकार उद्योगपतियों को सड़कें नहीं दे पाई है। नई सरकार की पहली मीटिंग में सेक्टरों की सड़कों का मुद्दा अमहम रहेगा। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है। शहर के बाजारों, मुख्य चौक चौराहो व कॉलोनियों में गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। गंदगी के ढेरों के कारण शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दुकानदार आए दिन नगर निगम अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते है। प्रशासन सही प्रकार से कूड़ा उठान नहीं कर पाया है। कॉलोनियों में जगह जगह पर गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। शहर की सफाई हमेशा ही बड़ा मुद्दा रहता है। पिछली बार की शहर की सरकार सफाई के मुद्दे पर पूरी तरह से फेल रही। इस बार भी शहर में गंदगी के मुद्दे पर चुनाव हुआ है।
26 पार्षदों में से 11 महिलाएं चुनाव जीतकर सदन में पहुंची है। काफी लोग अपनी पत्नियों के जरिये चौधर में पहुंचे है। अब चौधर पति करते हैं या पत्नी ये देखने का विषय रहेगा। पहली मीटिंग पर सबकी नजरें होगी। क्योंकि नेताओं ने अपनी पत्नियों को मैदान में उतारकर जीत दर्ज की है।
शहर में गंदगी, डेयरी शिफ्टिंग, सड़कों की हालत व गंदे पानी की निकासी बड़ा मुद्दा है। इन सभी मुद्दों का हाल किया जाएगा। नगर निगम के साथ तालमेल से कार्य किया जाएगा। सदन की पहली बैठक में सभी वार्डों की परेशानियों पर गहनता से चर्चा होगी। शहर में विकास कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। अवनीत कौर, मेयर पानीपत।