पटरी पर लौटा बाजार, बस व ट्रेन चली
- फरियादियों को भी कार्यालय में मिले बाबू, तीन दिन में शहर को करोड़ों का फटका
- दुराचारी डेरा प्रमुख को सजा के बाद शहर में शांति स्थापित
- जीटी रोड बेल्ट पर चली बसें तो सभी ट्रेनों को मिला सिगनल
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
दो साध्वियों से रेप करने वाले डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के बाद बाजार, बस व रेल सेवाओं के साथ मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पटरी पर लौट आईं। हालांकि रोहतक व जींद रूटों पर बस व रेल नहीं चल सकी। इन रूटों पर बुधवार को रेल व बस सेवाएं शुरू होने की बात कही जा रही है। तीन दिन की तनावपूर्ण शांति के बीच सामान्य जीवन में आने पर लोगों ने राहत की सांस मिली। सरकारी कार्यालयों में बाबू व अधिकारी मिले। जिसके चलते लघु सचिवालय में पूरा दिन चहल पहल रही। बाजारों में भी लोगों का रुझान नजर आया। हालांकि दुकानदारों ने बाजार को पूरी तरह से पटरी पर आने के लिए अभी दो-तीन दिन और लगने की बात कही है। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह की सूचना को तुरंत साझा करने की अपील लोगों से की है।
तीन दिन की घोषित आपात स्थिति के बाद मंगलवार को शहर समेत जिले के स्कूल, कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान खुले। अभिभावक बच्चों को समय पर स्कूल भेजने के लिए सुबह ही अपने दैनिक कार्यों में जुट गए। सामान्य दिनों पर सरकारी, अर्द्ध सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों में भी सुबह ही लोगों की चहल कदमी शुरू हो गई। फरियादियों के आने पर लघु सचिवालय में पिछले तीन दिन से पसरा सन्नाटा एक साथ टूट गया। लोगों ने अपने-अपने कामों के लिए अधिकारियों को फरियाद लगाई। वहीं सुबह ही रोडवेज व रेल सेवाएं शुरू हो गई। जिसके बाद लोगों को राहत की सांस मिली। शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह वाहनों की भीड़ लगी रही। लोग तीन दिन के बाद बाजारों में अपनी खरीदारी करने पहुंचे। जिसके बाद बाजारों में भी चहल कदमी बढ़ी मिली।
रोडवेज का पहिया चला, ट्रेनों को भी मिला सिगनल
रोडवेज बसों का तीन दिन के बाजद पहिया चला और ट्रेनों को भी सिगनल मिला। जिसके चलते यात्रियों को राहत की सांस मिली। रोडवेज अधिकारियों ने 138 में से 113 बसें चलाए जाने का दावा किया है। ये बसें दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर चलाई गई। रोडवेज ने सिरसा, जींद व रोहतक रूट की बसों को पूरी तरह से बंद रखा। इसके अलावा लोकल रूटों पर कुछ बसों को चलाया गया। रोडवेज के डिपो महाप्रबंधक एके डोगरा ने बताया कि बसों को संचालन बुधवार को पूरी तरह से खुल सकता है। रोडवेज को इन दिनों में करीब 55 लाख रुपये का झटका लगा। वहीं रेलवे ने रोहतक व जींद मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों को बंद रखा। दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर ट्रेन सरपट दौड़ी। हालांकि झेलम व बरोनी एक्सप्रेस रद्द रही। रेलवे अधिकारियों ने इन ट्रेनों का पहले से ही रद्द होना बताया है। रेलवे अधिकारियों ने 60 लाख रुपये के नुकसान की बात कही है।
बैंकों में भी तीन दिन के बाद काम लौटा
बैंकों में तीन दिन के बाद मंगलवार को काम लौटा। इस दौरान जिले में करीब पांच हजार करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। उद्यमियों व दूसरे लोगों को ऑनलाइन ट्रांजक्शन पर रोक के चलते इतना ज्यादा काम प्रभावित होना माना है। जिले में 41 बैंक और इनकी 243 शाखा व 211 एटीएम हैं। बैंक 25 अगस्त को दोपहर बाद बंद हो गए थे। हालांकि सोमवार को भी बैंक खोलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बस व रेल सेवा पूरी तरह से बंद होने पर लोग बैंकों तक नहीं पहुंच पाए। बैंक अधिकारियों ने सामान्य ढंग से अपना काम निपटाया। वहीं बैंकों में मंगलवार को एक साथ भीड़ नजर आई। लोगों को अपना नंबर आने के लिए आधे से अधिक समय अतिरिक्त लगाना पड़ा।
बाजार में ग्राहक, लेकिन दुकानदार असंतुष्ट
तीन दिन के तनावपूर्ण माहौल के बीच मंगलवार को बाजार भी पूरी तरह से खुल गया। खरीददार सुबह ही बाजारों में पहुंच गए। जिसके चलते बाजार में पिछले तीन दिन से पसरा सन्नाटा एक साथ टूट गया। हालांकि दुकानदार खरीददारी के लिए इतने संतुष्ट नजर नहीं आए। इंसार बाजार के लाघल बत्ती चढौक के प्रधान गौरव लिखा ने बताया कि बाजार में खरीददार तो आया है, लेकिन बिक्री अपेक्षाकृत नहीं हो पाई है।
मोबाइल इंटरनेट व टेक्स्ट मैसेज सेवा बहाल
सरकार के आदेश पर बंद की गई मोबाइल इंटरनेट व टेक्स्ट मैसेज सेवाओं को मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बहाल कर दिया गया। बताया जा रहा है कि मोबाइल कंपनियों द्वारा इसके बाद इनका संचालन शुरू कर दिया। मंगलवार दोपहर तक सभी कंपनियों का मोबाइल इंटरनेट शुरू कर दिया गया था। मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। कई उपभोक्ताओं की इंटरनेट सेवा तीन दिन बाद शुरू होने के बाद मैसेज का ढेर लग गया। वे सभी मैसेज पढ़ तक नहीं सके।
वर्जन
डेरा प्रमुख के मामले में 72 घंटे के लिए बंद मोबाइल इंटरनेट व टेक्स्ट मैसेज सेवाओं को मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बहाल कर दिया है। सभी सरकारी कार्यालयों में सामान्य दिनों की तर्ज पर काम किए गए।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।