वर्ष 2019 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत विभिन्न पदों पर 66 कर्मियों की नियुक्ति में बड़ा गड़बड़झाला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार किया गया है। सीटीएम पानीपत की जांच में ये स्पष्ट हो चुका है। सीएटीएम पानीपत रविंद्र मलिक ने शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट सीएम विंडो पोर्टल पर अपलोड कर दी है। इस रिपोर्ट में तत्कालीन सिविल सर्जन और डिप्टी सिविल सर्जन समेत 10 लोग गलत तरह से नौकरी देने के दोषी माने गये हैं।
डीसी ने सीटीएम से कराई जांच-
गांव हथवाला के डॉ. रणबीर ने इस भर्ती पर सवाल उठाते हुए एनएचएम निदेशक को शिकायत की थी। निदेशक डॉ. परमजोत ने इसकी जांच पानीपत डीसी धर्मेंद्र सिंह को सौंपी। उन्होंने तत्कालीन सीटीएम अनुपमा मलिक से इसकी जांच कराई। इसमें यह सामने आया कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने करीबियों को स्थानीय होने का फायदा दिया और 66 में से 44 अभ्यर्थियों को 20 में से 20 अंक दे दिए गए। योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर दिया गया।
- दोबारा जांच कराने पर सीएमओ से मांगा गया था जवाब-
निदेशक ने उन 10 स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जो भर्ती प्रक्रिया में शामिल थे, लेकिन विभाग ने आदेश को दरकिनार करते हुए दोबारा जांच शुरू कर दी। निदेशक ने सिविल सर्जन से इस बाबत स्पष्टीकरण मांग लिया है। निदेशक ने स्पष्टीकरण मांगा है कि जब मामले की जांच हो चुकी है तो दोबारा जांच कमेटी क्यों बनाई गई है। आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। सिविल सर्जन की ओर से इसका जवाब भेजा गया था।
- भर्ती में प्रशासनिक अधिकारी को नहीं किया गया शामिल-
तत्कालीन सीटीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में ये भी कहा है कि इस भर्ती प्रक्रिया में प्रशासन की ओर से एक अधिकारी को शामिल करना था, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने भर्ती करने के बाद बस चयन लिस्ट पर उनके हस्ताक्षर करवाए थे।
इन पदों पर हुई थी भर्ती
26 स्टाफ नर्स, 19 एएनएम, चार फार्मासिस्ट, दो सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर, दो टीबी हेल्थ विजिटर, दो आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर। इनके अलावा अकाउंटेंट, लैब टेक्नीशियन, प्राइवेट-पब्लिक मिक्स कोऑर्डिनेटर, चिल्ड्रेन रिक्वायरिंग असिस्टेंट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी, जिला किशोर स्वास्थ्य अधिकारी, कोऑर्डिनेटर।
जांच हो चुकी है, बस लिस्ट बनाई जा रही है: चौधरी
इस मामले की जांच सीटीएम की ओर से की जा चुकी है। अब उन अभ्यर्थियों की लिस्ट तैयार की जा रही है, जिन्हें 20 में से 20 अंक दिए गए हैं। लिस्ट तैयार कर रिपोर्ट डीसी पानीपत को दे दी जाएगी।
- विवेक चौधरी, सीईओ, जिला परिषद पानीपत